नफरत में डूबा देश कभी तरक्की नहीं कर सकता: राहुल गांधी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने और पूंजीपतियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि नफरत में डूबा देश कभी तरक्की नहीं कर सकता।

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Rahul Gandhi
Rahul Gandhi | Image: Facebook

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने और पूंजीपतियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि नफरत में डूबा देश कभी तरक्की नहीं कर सकता।

गांधी ने लोगों से नफरत को स्वीकार न करने का आग्रह करते हुए जोर देकर कहा कि भारत 'हमेशा प्रेम का देश था और रहेगा'।

गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दो दिवसीय दौरे की शुरुआत करते हुए बछरावां में पार्टी कार्यकर्ताओं और युवाओं से बातचीत की। इसके बाद वह ऊंचाहार के जगतपुर गए, जहां उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के नायक राणा बेनी माधव सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया।

कांग्रेस सांसद ने एक कार्यक्रम में मीडिया पर कटाक्ष किया।

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उन्होंने कहा, 'मुझे कहना होगा कि वे (मीडिया) हमारे मित्र हैं, लेकिन वास्तव में वे मोदी (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी), अडानी और अंबानी के मित्र हैं।'

गांधी ने कहा, 'ऐसा इसलिए है क्योंकि वे जनता के बारे में बात नहीं करते। क्या आपने टीवी पर किसानों, मजदूरों या महंगाई के बारे में कोई खबर देखी है? वे आपको अंबानी और अडानी की शादियां, डांस शो और 15 करोड़ रुपये की घड़ियां दिखाएंगे।'

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उन्होंने कहा, 'उनका (मीडिया) का काम सरकार पर दबाव बनाना है। अगर सरकार कुछ गलत करती है, तो वे उसे जवाबदेह ठहराते हैं लेकिन वे (मीडिया) अब अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं।'

वर्ष 1857 के विद्रोह में राणा बेनी माधव सिंह और बीरा पासी के योगदान को याद करते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भारत की आजादी के लिए लड़ने वाले सभी महापुरुषों ने 'संविधान के लिए लड़ाई लड़ी और अगर देश में गरीब, मजदूर व किसान आज आवाज उठा रहे हैं तो यह संविधान की वजह से है।'

उन्होंने कहा, 'यह संविधान भारत की आवाज है। गांधी, आंबेडकर और नेहरू ने यह संविधान दिया। उन्होंने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी और जेल गए। उनसे पहले राणा बेनी माधव सिंह और बीरा पासी ने लड़ाई लड़ी। वे सभी संविधान के लिए लड़े।'

गांधी ने कहा, 'राजनीतिक दलों का कर्तव्य संविधान बचाने का है और मीडिया का भी। लेकिन इन दिनों वे (मीडिया) संविधान की रक्षा के लिए काम नहीं कर रहे और इसीलिए मैंने उनके बारे में बात की।'

देश को 'बेचे' जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, 'एयरपोर्ट, बंदरगाह, बुनियादी ढांचा, कोयला, रेलवे, सब कुछ बेचा जा रहा है। कांग्रेस लड़ रही है, मैं सड़कों पर लड़ाई लड़ रहा हूं। लेकिन मीडिया हमारी मदद नहीं कर रहा। लेकिन हम लड़ेंगे और आपको दिखाएंगे कि हम जीत सकते हैं।'

उन्होंने आरोप लगाया, 'महंगाई काफी बढ़ गई है और भाजपा सरकार केवल पूंजीपतियों को बढ़ावा दे रही है।'

अपनी भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए गांधी ने कहा, 'एक देश जो विभाजित है और नफरत में डूबा हुआ है, वह कभी प्रगति नहीं कर सकता। इसलिए हमने कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा की।'

उन्होंने कहा, 'समुद्र से लेकर पहाड़ों तक, 4000 किलोमीटर की दूरी तय करके हमने यह संदेश दिया कि यह नफरत नहीं, बल्कि सद्भाव और प्रेम का देश है।'

कांग्रेस सांसद ने लोगों से भारत को विभाजित करने की कोशिश करने वाली ताकतों को रोकने का आग्रह किया।

गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'यह प्रेम का देश रहा है और ऐसा ही रहेगा।'

उन्होंने कहा कि फिलहाल देश महंगाई और बेरोजगारी के रूप में दो बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है।

कांग्रेस सांसद ने कहा, 'मैंने आज यहां युवाओं से बात की। उनसे पूछा कि शैक्षणिक डिग्री प्राप्त करने के बाद कितने लोगों को नौकरी मिलने का भरोसा है। सिर्फ एक ने हाथ उठाया। और उसने कहा कि मैं कहीं नौकरी ढूंढ लूंगा। लेकिन 99 प्रतिशत ने स्वीकार किया कि उन्हें नौकरी नहीं मिलेगी।'

उन्होंने कहा, 'इस समय दो भारत बन रहे हैं, जिसमें एक तरफ अदाणी और अंबानी जैसे अमीर हैं। उन्हें जो चाहिए वो मिल जाता है। कोविड महामारी के दौरान उनका एक लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ हो गया। उनके 16 लाख करोड़ रुपये के बैंक कर्ज माफ हो गए हैं। दूसरा भारत आपका और मेरा है। मेहनतकशों, मजदूरों, गरीबों, किसानों, बेरोजगार युवाओं का भारत। हमें दो भारत नहीं चाहिए। अगर वे सपने देख सकते हैं तो आप भी देख सकते हैं।'

गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2016 में की गई नोटबंदी के कदम से छोटे और मध्यम उद्योग बर्बाद हो गए।

उन्होंने कहा, 'यह नीति केवल मोदी की नहीं थी। मोदी और अदाणी और अंबानी जैसे लोगों की मिलीभगत से ही छोटे व्यापारियों, किसानों और मजदूरों को खत्म करने के लिए ऐसी नीतियां बनाई जा रही हैं।'

गांधी ने कहा, 'इसके नतीजे आप देख सकते हैं। उत्तर प्रदेश के युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही। आपको तेलंगाना या कर्नाटक में नौकरी मिल सकती है, आप वहां जाकर काम कर सकते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में काम नहीं मिल सकता, आपकी सरकार ऐसा नहीं कर सकती। यह सच्चाई है जिसे स्वीकार किया जाना चाहिए।'

उन्होंने कहा, 'एक तरफ भाजपा ने लोकसभा में 400 से अधिक सीटें जीतने की बात कही और फिर संविधान बदलने की बात कही, लेकिन इस झटके के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी संविधान के सामने घुटने टेक दिए।'

कांग्रेस संसद ने महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में मतदाताओं की संख्या में गड़बड़ी करके उसमें वृद्धि का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने निर्वाचन आयोग से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन उन्हें मतदाता सूची नहीं दी गई।

उन्होंने कहा, 'तो आप देख सकते हैं कि इन दिनों देश में क्या हो रहा है, यही राजनीति है। लेकिन हम किसी से नहीं डरते। कांग्रेस विचारधारा वाली पार्टी है। हमारी पार्टी के कार्यकर्ता हमारे शेर हैं, जिनके खून में यह विचारधारा है।'

इससे पहले दिन में, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष चुरुवा सीमा पर हनुमान मंदिर पहुंचे और फिर बछरावां गए, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित किया और उनसे बूथ स्तर पर अपनी पकड़ बनाए रखने का आग्रह किया।

इस बीच, कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि गांधी की यात्रा के दौरान उन्हें नजरबंद कर दिया गया था।

भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया, '25 कार्यकर्ताओं के साथ हमें नगर पंचायत कार्यालय में जबरन रोक दिया गया। यहां रहना, लोगों की समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना सांसद की जिम्मेदारी है क्योंकि रायबरेली के लोगों ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना है।'

हालांकि, इस बारे में पुलिस की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई।

Published By :
Kanak Kumari Jha
पब्लिश्ड