वक्फ संशोधन बिल पर सियासी पारा हाई, जंतर-मंतर पर मुस्लिम संगठनों के हल्ला बोल पर भड़की BJP- वक्फ बहाना है, देश में दंगा...
भाजपा नेता पूनावाला ने कहा कि कि विपक्षी दल वक्फ के नाम पर मुस्लिम नागरिकों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
- भारत
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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसमें AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी शामिल हुए। वक्फ बिल के खिलाफ मुस्लिम संगठनों के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर बीजेपी लगातार उन्हें घेर रही है। भाजपा नेता पूनावाला ने कहा कि कि विपक्षी दल वक्फ के नाम पर मुस्लिम नागरिकों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, 'वक्फ एक बहाना है, देश में दंगे भड़काना, आग लगाना, वोट बैंक की दुकान चलाना, बस यही इनकी कहानी है। जो वोट बैंक की दुकान चलाते हैं चाहे वह AIMPLB जैसे संगठन हों या फिर इसका समर्थन करने वाले इसके राजनीतिक आका, कांग्रेस, TMC, समाजवादी पार्टी, AIMIM। ये लगातार वक्फ के नाम पर मुस्लिम नागरिकों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।'
वक्फ के संशोधन की बात मुसलमानों ने की- पूनावाला
पूनावाला ने आगे कहा, ' पहले कहते थे CAA से नागरिकता छिन जाएगी। किसी की नागरिकता नहीं छिनी गई। अब कहते हैं वक्फ आएगा, जमीनें और मस्जिदें छिन जाएंगी, ऐसा कुछ नहीं होने वाला है। वक्फ के संशोधन की बात तो खुद मुसलमानों ने की है। लेकिन इसे हिंदू-मुसलमान बनाने की कोशिश सपा, कांग्रेस और TMC कर रही है। लोगों को देश में शाहीनबाग बनाने की उकसाने की कोशिश कर रही है। यह दिखाता है कि सिर्फ और सिर्फ वोट बैंक के लिए इस देश में संविधान की बात करने वाले लोगों से मैं पूछना चाहता हूं कि क्या संविधान ने जैन समुदाय, ईसाई समुदाय को वक्फ जैसे अधिकार दिए हैं? वक्फ को हड़पने की असीमित शक्ति क्यों होनी चाहिए? कभी संसद, कभी महाकुंभ, कभी किसानों की जमीन पर कब्जा कर लेता है और कांग्रेस, TMC, समाजवादी पार्टी, AIMIM इस पर कुछ नहीं बोलेंगे।'
मुसलमानों के हित में सोचने की कोशिश करें- चुघ
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि 'भू-माफिया के हाथों से निकालकर गरीबों के हाथ में देना ही देश के हर मुसलमान और देश के हर नागरिक की मांग है। लेकिन कुछ लोग भू-माफियाओं के इशारों पर कठपुतली की तरह नाच रहे हैं। मैं इन संगठनों से कहना चाहूंगा कि विरोध के नाम पर अपनी दुकान और भू-माफियाओं के प्रति प्रेम दिखाने के बजाय गरीबों और मुसलमानों के हित में सोचने की कोशिश करें। ये भू-माफिया का चश्मा उतारें।'
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वहीं दूसरी ओर वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 के खिलाफ AIMPLB के विरोध पर IUML सांसद ई.टी. मुहम्मद बशीर ने कहा कि हम IUML की ओर से इसमें शामिल हो रहे हैं। सरकार वक्फ संपत्तियों को लूटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने (वक्फ संशोधन विधेयक पर JPC) विपक्ष के विचारों पर भी विचार नहीं किया है। हम इसका विरोध करते हैं।
'जब वक्फ पर JPC, तभी स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी'
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी कहते हैं कि जब वक्फ पर JPC बनी थी, तब हमने वहां स्थिति स्पष्ट की थी। जब यह (बिल) संसद में आएगा, तो हम वहां भी स्थिति स्पष्ट करेंगे। हम भाजपा की इच्छा से सहमत नहीं हैं।
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बीजेपी-RSS कभी शांति नहीं रहने देती- कांग्रेस
इसके अलावा कांग्रेस नेता अमर सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी और आरएसएस देश में कभी भी शांति का माहौल नहीं बनने देती। यही उनका मुख्य मकसद है। इन्हें कभी मंदिर, किसी मस्जिद या वक्फ के ऐसे मुद्दे उठाते रहना है जो कि इनके हिंदू वोट बैंक पर बने रहें इसलिए ये हटेंगे नहीं। वे कोई और मुद्दा लेकर आ जाएंगे। वक्फ पास करा लेंगे उसके बाद कुछ और लेकर आ जाएंगे।
बोर्ड के प्रवक्ता ने क्या कहा था?
बोर्ड के प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास के मुताबिक, संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को करीब पांच करोड़ मुसलमानों ने ई-मेल के जरिये अपनी-अपनी राय बताई थी, लेकिन सबकुछ नजरअंदाज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने कहा था कि अगर यह विधेयक पारित हुआ, तो राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। माना जा रहा है कि सरकार मौजूदा सत्र (बजट सत्र का दूसरा चरण) में यह विधेयक संसद में पेश कर सकती है।