PoK का मुस्लिम रामभक्त, शारदा पीठ कुंड से कूरियर किया पवित्र जल, ब्रिटेन के रास्ते भेजा भारत
POK Sharda Peeth Holy Kund: मुस्लिम तनवीर अहमद ने पीओके से एक शारदा पीठ कुंड से पवित्र जल लिया और ब्रिटेन के रास्ते इसे राम मंदिर के लिए अयोध्या भेजा।
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Ram Mandir Pran Pratishtha: भगवान राम के काम में मुस्लिमों का भी सहयोग लगातार मिल रहा है। मुस्लिम समुदाय के लोग भी रामभक्तों को मुबारकबाद दे रहा है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर हिंदुस्तान में दिवाली जैसे जश्न के बीच कुछ पाकिस्तानी भी राममयी हो चुके हैं।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में एक मुस्लिम रामभक्त भी हैं। पीटीआई के मुताबिक, उन्होंने रामलला के दरबार में अपनी हाजिरी लगवाने के लिए पीओके से एक शारदा पीठ कुंड से पवित्र जल लिया, जिसे भारत भेजा गया है। शारदा पीठ कुंड के पवित्र जल को कूरियर के जरिए ब्रिटेन के रास्ते भारत भेजा गया है।
सेव शारदा कमेटी कश्मीर के संस्थापक रविंदर पंडित बताते हैं कि 2019 में पुलवामा आतंकवादी हमले के पश्चात बालाकोट पर किए गए हवाई हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच डाक सेवाओं के निलंबन के कारण पवित्र जल को अन्य देश के माध्यम से भेजना पड़ा।
तनवीर अहमद ने एकत्र किया पवित्र जल
उन्होंने कहा कि पीओके में शारदा पीठ के शारदा कुंड का पवित्र जल तनवीर अहमद और उनकी टीम ने एकत्र किया। एलओसी (नियंत्रण रेखा) के पार नागरिक समाज के हमारे सदस्य इसे इस्लामाबाद ले गए, जहां से इसे ब्रिटेन में उनकी बेटी मगरिबी को भेजा गया। मगरिबी ने इसे कश्मीरी पंडित कार्यकर्ता सोनल शेर को सौंप दिया, जो अगस्त 2023 में भारत के अहमदाबाद आई थीं। वहां से यह दिल्ली में मेरे पास पहुंचा।
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अयोध्या में कोटेश्वर राव को सौंपा गया जल
सेव शारदा कमेटी कश्मीर के संस्थापक आगे बताते हैं कि पवित्र जल को यूरोप तक की यात्रा करनी पड़ी, क्योंकि बालाकोट अभियान के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच डाक सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित हैं। रविंदर पंडित ने कहा कि एसएससीके सदस्य मंजूनाथ शर्मा ने पवित्र जल विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेताओं को सौंपा, जिन्होंने इसे शनिवार को अयोध्या में वरिष्ठ पदाधिकारी कोटेश्वर राव को सौंपा।
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अयोध्या में विराजेंगे जय श्रीराम
फिलहाल अयोध्या में रामलला के आने का जिस ऐतिहासिक पल का पूरा हिंदुस्तान ने कई सदियों तक इंतजार किया, वो बस कुछ घंटों बाद खत्म होने वाला है। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर सिर्फ हिंदुस्तान और अयोध्या ही नहीं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में उमंग है। नेपाल से लेकर ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोप में भी रामधुन की गूंज है।