PM Modi Kashi Vishwanath: PM मोदी आज काशी विश्वनाथ में करेंगे षोडशोपचार पूजा, जानें क्या है इसका महत्व?

PM Modi Kashi Vishwanath: पीएम मोदी आज अपनी आध्यात्मिक और राजनीतिक यात्रा के एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर काशी में हैं। इस दौरे का केंद्र बिंदु काशी विश्वनाथ मंदिर में होने वाली विशेष पूजा-अर्चना है। गौरतलब है कि आज ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के लिए मतदान हो रहा है, जो इस दौरे को और भी खास बनाता है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
PM Modi Kashi Vishwanath visit today
PM Modi Kashi Vishwanath visit today | Image: X

PM Modi Kashi Vishwanath: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दो दिवसीय दौरे पर हैं। 28 अप्रैल की शाम काशी पहुंचने के बाद, आज का दिन बेहद खास है क्योंकि पीएम मोदी विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में देवाधिदेव महादेव की विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। लगभग 13 महीने के लंबे अंतराल के बाद प्रधानमंत्री बाबा विश्वनाथ के दरबार में शीश नवाएंगे। 

ऐसा माना जा रहा है कि पीएम मोदी मंदिर परिसर में करीब 30 मिनट का समय बिताएंगे, जहां वह 'षोडशोपचार' विधि से भगवान शिव का अभिषेक करेंगे। यह संयोग ही है कि आज बंगाल चुनाव के अंतिम चरण का मतदान भी है, और जनश्रुति है कि प्रधानमंत्री इस पूजन के माध्यम से राष्ट्र कल्याण और बंगाल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करेंगे।

पीएम मोदी का वाराणसी दौरा

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा राजनीति और आध्यात्म का अनूठा संगम रहा है। 28 अप्रैल शाम 4 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे। बीएलडब्ल्यू के इंटर कॉलेज मैदान में करीब 50,000 महिलाओं को संबोधित किया। वाराणसी में चल रही विकास परियोजनाओं का जायजा लिया। बीएलडब्ल्यू गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम के बाद सुबह सीधे मंदिर के लिए रवाना हुए। मंदिर में पूजन के बाद प्रधानमंत्री सुबह 9:30 बजे हरदोई के लिए प्रस्थान करेंगे।

जानें क्या होता है षोडशोपचार विधि?

हिंदू सनातन धर्म में 'षोडशोपचार' पूजा को सबसे विस्तृत और शास्त्रीय पद्धति माना गया है। 'षोडश' का अर्थ है 16 और 'उपचार' का अर्थ है सेवा या अर्पण। आपको बता दें,  षोडश विधि को सम्मानित अतिथि मानकर उनकी 16 चरणों में सेवी की जाती है।

Advertisement

पूजा के 16 प्रमुख चरण 

आवाहन- ईश्वर को आमंत्रित करना।
आसन- बैठने के लिए स्थान देना।
पाद्य- चरण धोना।
अर्घ्य- हाथ धोने के लिए जल।
आचमन- शुद्धिकरण हेतु जल ग्रहण।
स्नान- पंचामृत या गंगाजल से स्नान।
वस्त्र- नवीन वस्त्र अर्पित करना।
यज्ञोपवीत- जनेऊ धारण कराना।
गंध- चंदन या इत्र लगाना।
पुष्प- बेलपत्र और फूलों का अर्पण।
धूप- सुगंधित धूप जलाना।
दीप- ज्योति दिखाना।
नैवेद्य- भोग लगाना।
तांबूल- पान अर्पित करना।
दक्षिणा/आरती- आरती और दान।
प्रदक्षिणा/मंत्र पुष्पांजलि- परिक्रमा और विसर्जन।

क्यों खास है यह पूजा विधि?

धर्म शास्त्रों के अनुसार, षोडशोपचार विधि से की गई पूजा 'पूर्ण पूजा' कहलाती है। इसमें केवल मंत्र नहीं, बल्कि समर्पण का भाव प्रधान होता है। ऐसी मान्यता है कि इस विधि से पूजन करने से साधक के मन, वचन और कर्म की शुद्धि होती है।

Advertisement

ये भी पढ़ें - Aaj Ka Rashifal 29 April 2026: आज  मेष, तुला और कुंभ समेत इन 5 राशियों को होगा धन लाभ, यात्रा के बनेंगे योग; पढ़ें दैनिक राशिफल 

Published By:
 Aarya Pandey
पब्लिश्ड