PM Modi Uttarakhand Visit: 'उत्तराखंड की प्रगति के लिए नए रास्ते खुल रहे...', हर्षिल में बोले पीएम मोदी
उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए प्रधानमंत्री आज उत्तरकाशी के दौरे पर पहुंचे। यहां मुखबा में उन्होंने पूजा-अर्चना की।
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PM Modi: उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तरकाशी के दौरे पर पहुंचे। यहां देवी गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा में उन्होंने पूजा-अर्चना की। साथ ही मां गंगा के शीतकालीन निवास मुखवा में बर्फ से ढके पहाड़ों की खूबसूरती का लुत्फ उठाया।
मुखबा में पूजा अर्चना करने के बाद पीएम मोदी ने मां गंगा के शीतकालीन निवास मुखवा में स्थानीय लोगों की प्रदर्शनी का दौरा किया। फिर हर्षिल में ट्रेक और बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।
माणा गांव में हुई दुर्घटना पर PM ने जताया दुख
इसके बाद उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने माणा गांव में हुई दुर्घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा, 'मैं माणा गांव में कुछ दिन पहले हुई दुर्घटना पर दुख व्यक्त करता हूं। मैं दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। संकट की इस घड़ी में देश ने जो एकजुटता दिखाई है, उससे पीड़ित परिवारों को बहुत हौसला मिला है।'
हमारी देवभूमि आध्यात्मिक ऊर्जा से भरी- PM
पीएम मोदी ने आगे देवभूमि को आध्यात्मिक ऊर्जा से भरी हुई बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की ये भूमि, हमारी देवभूमि आध्यात्मिक ऊर्जा से भरी हुई है। चारों धामों और अनंत तीर्थों से धन्य, जीवनदायिनी मां गंगा के इस शीतकालीन स्थल पर आज एक बार फिर आकर और आप सभी से मिलकर मैं धन्य हो गया हूं।
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'उत्तराखंड की प्रगति के लिए यहां नए रास्ते खुल रहे'
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की प्रगति के लिए यहां नए रास्ते खुल रहे हैं। जिन आकांक्षाओं के साथ उत्तराखंड का जन्म हुआ था, उत्तराखंड के विकास के लिए हमने जो संकल्प लिए थे, वह संकल्प आज नई सफलताओं की ओर बढ़ते हुए सिद्ध हो रहे हैं। शीतकालीन पर्यटन इस दिशा में एक और बड़ा महत्वपूर्ण कदम है, इसके जरिए उत्तराखंड की आर्थिक संभावनाओं को साकार करने में मदद मिलेगी, मैं इसके लिए उत्तराखंड सरकार को बधाई देता हूं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम अपने पर्यटन क्षेत्र में विविधता लाएं, इसे बारहमासी, 365 दिन बनाएं। मैं चाहता हूं कि उत्तराखंड में कोई भी मौसम हो, कोई ऑफ-सीजन नहीं होना चाहिए। हर मौसम में पर्यटन चालू रहना चाहिए।