अपडेटेड 24 March 2026 at 08:29 IST
Parliament Budget Session 2026: पीएम मोदी आज दोपहर 2 बजे राज्यसभा को करेंगे संबोधित, मिडिल ईस्ट जंग से भारत कितना प्रभावित हैं? संसद में देंगे जवाब
प्रधानमंत्री मोदी आज राज्यसभा में मिडिल-ईस्ट जंग पर बयान देंगे। पीएम मोदी बजट सत्र के 10वें दिन लोकसभा स्पीच में तेल आयात और भारतीयों की सुरक्षा पर जोर दे सकते हैं। जानें कल लोकसभा में पीएम मोदी ने 25 मिनट की स्पीच में क्या कुछ कहा। पढ़ें पूरी खबर
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Iran War India Impact: संसद में बजट सत्र के दूसरे फेज का आज 10वां दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (24 मार्च) को दोपहर 2 बजे राज्यसभा में मिडिल-ईस्ट में जारी जंग से बने हालात पर बयान देंगे। कल सोमवार को उन्होंने लोकसभा में ईरान जंग पर 25 मिनट की स्पीच दी थी। पीएम मोदी ने कहा कि इस युद्ध से दुनिया में कठिन परिस्थितियां बनी हैं, जो लंबे समय तक रह सकती हैं। इसलिए देश को तैयार और एकजुट रहना होगा। उन्होंने कोरोना काल की एकजुटता का उदाहरण भी दिया।
प्रधानमंत्री ने बताया कि तेल-गैस संकट न हो, इसके लिए सरकार ने 27 की जगह अब 41 देशों से आयात शुरू कर दिया है। पश्चिम एशिया में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं। उनकी सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद का बजट सत्र चल रहा है। विपक्ष भी इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा था। पीएम मोदी ने देश के नागरिकों को आश्वासन दिया गया है कि कोई भी संकट का असर नहीं पड़ेगा।
PM मोदी ने कल बताया भारत की क्या है तैयारी
ईरान और इजराइल-अमेरिका जंग से गहराए गैस-तेल संकट को लेकर सरकार संवेदनशील है। ये बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल (23 मार्च) लोकसभा में कही। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि युद्ध से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ रहा है। कच्चे तेल और गैस का बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आता है, इसलिए भारत की चिंता भी स्वाभाविक है।
सप्लाई ज्यादा प्रभावित न हो, यही हमारा प्रयास- PM मोदी
सदन में प्रधानमंत्री मोदी ने देश में तेल और गैस को लेकर भी स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि सरकार संवेदनशील भी है, सतर्क भी है और हर सहायता के लिए तत्पर भी है। भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस और फर्टिलाइजर जैसी अन्य जरूरी चीजें होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से आती हैं। युद्ध के बाद से ही होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों का आना-जाना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है। बावजूद इसके हमारी सरकार का प्रयास रहा है कि पेट्रोल-डीजल और गैस की सप्लाई बहुत ज्यादा प्रभावित न हो। देश के सामान्य परिवारों को परेशानी कम से कम हो, ये हमारा प्रयास रहा है।
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उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि देश अपनी जरूरत की 60% LPG आयात करता है। इसकी सप्लाई में अनिश्चितिता के कारण सरकार ने LPG के घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी है। साथ ही LPG के देश में ही उत्पादन को भी बढ़ाया जा रहा है। पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पूरे देश में सुचारू रूप से होती रही, इस पर भी लगातार काम किया गया है।
‘आज भारत 41 देशों से एनर्जी इंपोर्ट करता है’
पीएम मोदी ने कहा कि पहले क्रूयड ऑयल LNG, LPG ऐसी एनर्जी जरूरत के लिए 27 देशों से इंपोर्ट किया जाता था। वहीं आज भारत 41 देशों से एनर्जी इंपोर्ट करता है। बीते दशक में भारत ने संकट ऐसे ही समय के लिए कच्चे तेल के भंडारण को प्राथमिकता दी है। आज भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक का स्ट्रेटजिक पेट्रोलियम रिजर्व है और 65 लाख मीट्रिक टन से अधिक की रिजर्व पर देश काम कर रहा है। हमारी तेल कंपनियों के पास जो रिजर्व रहता है, वो अलग है।
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उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास यह है कि जहां से भी संभव हो, वहां से तेल और गैस की सप्लाई होती रही। भारत सरकार गल्फ और आसपास के शिपिंग रूट्स पर निरंतर नजर बनाए हुए है। हमारा प्रयास है कि तेल हो, गैस हो, फर्टिलाइजर हो, ऐसे जरूरी चीजों के जहाज भारत तक सुरक्षित पहुंचे। हम अपने वैश्विक सहयोगियों के साथ निरंतर संवाद कर रहे हैं। ऐसे प्रयासों के कारण बीते दिनों होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए भी हैं।
PM मोदी ने बताया- देश की तैयारियां कैसे काम आ रही हैं?
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस समय में किस तरह देश की तैयारियां काम आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 10-11 साल में इथेनॉल के उत्पादन और उसकी ब्लेंडिंग पर अभूतपूर्व काम हुआ है। आज हम पेट्रोल में 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग के करीब पहुंचे गए हैं, जिसके कारण प्रति वर्ष करीब 4.5 करोड़ बैरल कम ऑयल इंपोर्ट करना पड़ रहा है। ऐसे ही रेलवे के बिजलीकरण से बहुत बड़ा फायदा हो रहा है। अगर रेलवे का इतना बिजलीकरण न होता, तो हर साल करीब 180 करोड़ लीटर डीजल अतिरिक्त लगता।
उन्होंने कहा कि हमने मेट्रो का नेटवर्क बढ़ाया है। 2014 में जहां देश में मेट्रो नेटवर्क 250 किलोमीटर से भी कम था, आज ये बढ़कर करीब 1100 किलोमीटर हो गया है। हमने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर बहुत अधिक बल दिया। केंद्र सरकार ने राज्यों को 15 हजार इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए दी हैं। आज जिस स्केल पर वैकल्पिक ईंधन पर काम हो रहा है, उससे भारत का भविष्य और सुरक्षित होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि हम जानते हैं कि एनर्जी आज इकोनॉमी की रीढ़ है। ग्लोबल इकोनॉमी जरूरत को पूरा करने वाला एक बड़ा सोर्स पश्चिम एशिया है। स्वाभाविक है कि दुनियाभर की अर्थव्यवस्था वर्तमान संकट से प्रभावित हो रही हैं। भारत पर इसका कम से कम असर हो, इसके लिए निरंतर किए जा रहे हैं। सरकार इसके शॉर्ट टर्म, मिडियम टर्म और लॉन्ग टर्म ऐसे हर असर के लिए एक रणनीति के साथ काम कर रही है।
Published By : Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड 24 March 2026 at 08:29 IST