भारत ने विश्व का मार्गदर्शन किया, जलवायु चुनौतियों का भी दे रहा समाधान... पर्यावरण और जलवायु सम्मेलन में PM मोदी का बड़ा बयान
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने प्रकृति और पर्यावरण के विषय पर दुनिया को राह दिखाई है। इतना ही नहीं, भारत अब आधुनिक जलवायु चुनौतियों का समाधान भी दे रहा है।
- भारत
- 3 min read

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज, शनिवार को 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने सम्मेलन को संबोधित करते हुए देश के तेजी से हो रहे विकास और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा, 'प्रकृति और पर्यावरण के विषय पर सदियों तक भारत ने एक तरह से विश्व का मार्गदर्शन किया है। अपने उस वैचारिक प्रतिबद्धता को लेकर अपने सांस्कृतिक अनुभवों को आधार बनाकर भारत अब आधुनिक जलवायु चुनौतियों के समाधान भी दे रहा है और साथ ही भारत मानवता के सामूहिक प्रयासों के लिए आह्वान भी कर रहा है। मुझे खुशी है कि NGT की यह कॉन्फ्रेंस उसी मिशन को आगे बढ़ा रही है।'
भारतवासियों से की दम दिखाने की अपील
उन्होंने आगे कहा, 'हम सब जानते हैं कि अक्सर कार्बन उत्सर्जन की जिम्मेदारी गलत तरीके से विकासशील देशों पर डाली जाती रही है, जबकि ऐतिहासिक सच्चाई ये है कि आज भी प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन में भारत का योगदान वैश्विक औसत के आधे से भी कम है। विकसित देशों में भारत की तुलना में 6 गुना ज्यादा प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन हो रहा है। भारत ये तथ्य मजबूती के साथ वैश्विक मंचों पर रखता है। मैं हर भारतवासी से कहूंगा कि आप भी दम दिखाइए।'
पेरिस में जो भी वादे किए समय से पहले पूरा किया- PM
प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज का भारत पर्यावरण सुरक्षा के अपने प्राचीन विचारों को आधुनिक विजन में पिरोते हुए आगे बढ़ रहा है। बीते 12 वर्षों में पर्यावरण से जुड़े हर क्षेत्र में, हर सेक्टर में भारत ने असाधारण प्रगति की है। हमारा बड़ा फोकस नवीकरणीय ऊर्जा पर रहा है और इसने पर्यावरण सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाई है। भारत जी-20 में इकलौता ऐसा देश है, जिसने पेरिस में कॉप-21 समिट में जो भी वादे किए थे उन सभी को समय से पहले पूरा करके दिखाया है। यह मैं हिंदुस्तान की ताकत की बात कर रहा हूं।'
Advertisement
उन्होंने भारत की वर्तमान सौर ऊर्जा क्षमता की तुलना 12 साल पहले की स्थिति से की। पीएम मोदी ने कहा, '12 साल पहले भारत की सौर ऊर्जा क्षमता करीब 2GW थी। आज यह 160GW से ज्यादा हो चुकी है। हमने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों को ही सौर ऊर्जा उत्पादन का केंद्र बनाने का मिशन शुरू किया। इस योजना के तहत अब तक 50 लाख से ज्यादा घरों में छतों पर सोलर पैनल लग चुके हैं। इसके लिए सरकार ने हर घर को करीब 80,000 रुपए तक की आर्थिक मदद दी है। कुसुम योजना के तहत सरकार ने 30 लाख किसानों के खेतों में सोलर पंप लगाने का काम किया है।'
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का किया जिक्र
इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज क्लीन मोबिलिटी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम कर रहा है। अभी कुछ दिन पहले ही भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन चली है जो दुनिया की सबसे लंबी ट्रेन है। उन्होंने इसे क्लीन मोबिलिटी के एक नए युग की शुरुआत बताया।