Mann Ki Baat: 'चाय से मेरा क्या रिश्ता है, आप जानते...', बिजनौर की महिलाओं के हर्बल टी ब्रांड की तारीफ करते हुए बोले PM मोदी
'मन की बात' के 136वें एपिसोड में PM मोदी ने बिजनौर की महिलाओं के हर्बल टी ब्रांड की तारीफ की। पीएम ने यह भी कहा कि चाय भारत में सिर्फ पेय नहीं, बल्कि अपनापन है।
- भारत
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PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने खेल, अंतरिक्ष और विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं के योगदान की जमकर सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि आज हमारे युवा हर क्षेत्र में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।
'मन की बात' के इस एपिसोड में पीएम मोदी ने कई प्रेरणादायक कहानियां भी साझा की। उन्होंने बिजनौर की महिलाओं के स्वदेशी हर्बल ट्री ब्रांड की तारीफ करते हुए चाय के साथ अपने 'रिश्ते' पर भी बात की।
'चाय हर मौके का खास हिस्सा बन जाती है'
प्रधानमंत्री ने चाय के सांस्कृतिक महत्व पर बात करते हुए कहा, "हमारे देश में चाय सिर्फ एक पेय नहीं है, बल्कि यह अपनापन भी है। सुबह की शुरुआत करनी हो, दोस्तों की मुलाकात हो या परिवार के साथ सुकून के कुछ पल बिताने हों चाय हर मौके का खास हिस्सा बन जाती है।
उन्होंने आगे कहा कि वैसे तो आप भी भलीभांति जानते हैं मेरा चाय से रिश्ता क्या है, लेकिन आज मैं जिस चाय की चर्चा कर रहा हूं, उसने सिर्फ स्वाद ही नहीं दिया, बल्कि अनेक बहनों के जीवन में, आत्मनिर्भरता की नई खुशबू भी घोल दी है।
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लखीवाला गांव की महिलाओं के प्रयासों को सराहा
पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के लखीवाला गांव की महिलाओं के प्रयासों की तारीफ की। उन्होंने बताया कि यहां स्वयं सहायता समूह (Self Help Group) से जुड़ी महिलाओं ने मिलकर 'विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी' तैयार की है। इस चाय की खासियत इसकी प्राकृतिक सामग्रियां हैं, जिसमें: लेमनग्रास (Lemongrass), गिलोय और मुलेठी, तुलसी और कच्ची हल्दी, दालचीनी, इलायची और सौंफ है।
उन्होंने कहा कि अपने अनोखे औषधीय गुणों और बेहतरीन स्वाद की वजह से इस हर्बल चाय ने बेहद कम समय में लोगों के दिलों में जगह बना ली है। बिजनौर की महिलाओं के इस हुनर की गूंज अब देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुंच चुकी है। प्रयागराज के महाकुंभ और दिल्ली में आयोजित 'इंटरनेशनल फूड फेस्टिवल' में इस हर्बल चाय को लोगों ने खूब पसंद किया। कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए विदेशी मेहमानों ने भी इस देशी चाय में गहरी दिलचस्पी दिखाई।
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पीएम ने यह भी कहा कि इस पहल की सबसे प्रेरणादायक बात इसकी साधारण शुरुआत है। महिलाओं ने इस पूरे प्रयास को महज 1 लाख रुपये की छोटी सी लागत से शुरू किया था। आज यह स्वदेशी ब्रांड देश के बड़े-बड़े संस्थानों तक अपनी पहुंच बना चुका है।
पीएम मोदी ने इस सफलता को महिला सशक्तिकरण की मिसाल बताते हुए कहा कि यह पहल साबित करती है कि जब स्थानीय ज्ञान, प्रकृति की ताकत और महिलाओं का अटूट आत्मविश्वास एक साथ मिलते हैं, तो एक छोटा सा प्रयास भी बहुत बड़े बदलाव का जरिया बन जाता है।