अपडेटेड 7 January 2025 at 09:04 IST
भारत और अमेरिका के संबंधों को पर PM मोदी, कहा- और गति देने के लिए तत्पर हैं
मोदी ने अमेरिका के NSA जेक सुलिवन से सोमवार को मुलाकात के बाद कहा कि भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी ने नयी ऊंचाइयों को छुआ है।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन से सोमवार को मुलाकात के बाद कहा कि भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी ने नयी ऊंचाइयों को छुआ है तथा नयी दिल्ली संबंधों में इस गति को और आगे बढ़ाने के लिए तत्पर है। सुलिवन अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप के शपथ लेने से दो सप्ताह पहले भारत की यात्रा पर हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा…
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी सुलिवन से बातचीत की और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन के तहत पिछले चार साल में भारत-अमेरिका वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा की। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा कि मोदी और सुलिवन ने पिछले चार वर्षों के दौरान भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी, विशेष रूप से प्रौद्योगिकी, रक्षा, अंतरिक्ष, असैन्य परमाणु, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति का मूल्यांकन किया।
मोदी ने 'एक्स' पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ‘‘अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन से मिलकर खुशी हुई। भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी ने प्रौद्योगिकी, रक्षा, अंतरिक्ष, जैव प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्रों सहित नई ऊंचाइयों को छुआ है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लोगों के लाभ और वैश्विक कल्याण के लिए दोनों लोकतंत्रों के बीच संबंधों में इस गति को आगे बढ़ाने के लिए हम तत्पर हैं।’’ बयान में कहा गया कि ‘क्वाड लीडर्स समिट’ के लिए सितंबर 2024 में अमेरिका की अपनी यात्रा सहित राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ अपनी विभिन्न बैठकों को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में उनके योगदान की सराहना की।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि बाइडन का योगदान एक स्थायी विरासत छोड़ता है। मोदी ने सुलिवन द्वारा उन्हें सौंपे गए राष्ट्रपति बाइडन के पत्र की सराहना की। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के लोगों के लाभ और वैश्विक भलाई के लिए दोनों लोकतंत्रों के बीच घनिष्ठ सहयोग को प्रगाढ़ करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मोदी ने राष्ट्रपति बाइडन और उनकी पत्नी डॉ. जिल बाइडन को अपनी शुभकामनाएं दीं। सुलिवन ने कहा कि अमेरिका उन नियमों को हटाने के लिए आवश्यक कदमों को अंतिम रूप दे रहा है, जिनके कारण अग्रणी भारतीय और अमेरिकी कंपनियों के बीच असैन्य परमाणु सहयोग में बाधा आ रही है।
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डोभाल और सुलिवन बैठक के बाद अमेरिकी एनएसए ने मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) के तहत अमेरिकी मिसाइल निर्यात नियंत्रण नीतियों में बाइडन प्रशासन द्वारा लाए गए उस बदलाव पर भारतीय पक्ष को जानकारी दी जिससे भारत के साथ अमेरिकी वाणिज्यिक अंतरिक्ष सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा गया, ‘‘रणनीतिक साझेदारों और शांतिपूर्ण परमाणु सहयोग के लिए साझा प्रतिबद्धता वाले देशों के रूप में अमेरिका और भारत ने जो प्रगति की है - और जो आगे भी करते रहेंगे - उसे दर्शाते हुए, एनएसए सुलिवन ने भारतीय परमाणु संस्थाओं को सूची से हटाने के लिए आवश्यक कदमों को अंतिम रूप देने के अमेरिकी प्रयासों की घोषणा की, जिससे असैन्य परमाणु सहयोग और लचीली स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ावा मिलेगा।’’
इसमें कहा गया है कि सुलिवन की यात्रा ने दोनों पक्षों को रक्षा, साइबर और समुद्री सुरक्षा जैसे विविध क्षेत्रों सहित उच्च स्तरीय वार्ता में जारी प्रगति की समीक्षा करने का अवसर दिया। बैठक में महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकी पर अमेरिका-भारत पहल या आईसीईटी के कार्यान्वयन पर चर्चा हुई। बयान में कहा गया है, ‘‘दोनों एनएसए वृहद द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक एजेंडे पर व्यापक चर्चा के माध्यम से नियमित रूप से उच्च स्तरीय वार्ता में शामिल रहे हैं।’’
(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)
Published By : Garima Garg
पब्लिश्ड 7 January 2025 at 09:04 IST