ट्रंप के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले PM मोदी ने बुलाई CCS की बैठक, मिडिल ईस्ट संकट पर होगी चर्चा! क्या फैसला लेगी मोदी सरकार?
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज, गुरुवार को शाम को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के राष्ट्र के नाम के संबोधन से ठीक पहले बुलाई है। ऐसे में हलचल तेज हो गई है।
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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान युद्ध को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज, गुरुवार को शाम को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की अहम बैठक बुलाई है। बैठक में मध्य पूर्व के मौजूदा हालात को लेकर समीक्षा की जाएगी। यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के राष्ट्र के नाम के संबोधन से ठीक पहले बुलाई है। ऐसे में हलचल तेज हो गई है क्या मोदी सरकार कोई बड़ा फैसला लेने जा रही है।
मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध को देखते हुए पीएम मोदी ने 1 अप्रैल को शाम 7 बजे (CCS) की अहम बैठक बुलाई है। वरिष्ठ मंत्रियों के साथ होने वालीृ बैठक में मौजूदा सुरक्षा स्थिति, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय संकट के भारत पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, बैठक में होर्मुज की खाड़ी मार्ग से आने वाली तेल और गैस आपूर्ति पर भी अहम चर्चा संभव है।
ट्रंप के संबोधन से पहले PM मोदी ने बुलाई CCS की बैठक
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं। व्हाइट हाउस के मुताबिक, ट्रंप बुधवार रात (भारत में गुरुवार सुबह) देश को संबोधित करेंगे और मौजूदा हालात पर अहम जानकारी देंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिना लेविट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ईरान को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट देने के लिए राष्ट्र को संबोधित करेंगे।” इधर पीएम मोदी ने बुधवार शाम 7 बजे CCS की बैठक बुलाई है।
CCS की बैठक में ऊर्जा संकट पर चर्चा संभव
बैठक में होर्मुज की खाड़ी मार्ग से आने वाली तेल और गैस आपूर्ति में आई रुकावट, भारत की ऊर्जा सुरक्षा और LPG की 60 प्रतिशत विदेशी निर्भरता को लेकर गहन समीक्षा की जाएगी। भारत ने कूटनीतिक प्रयासों से कुछ तेल और गैस के जहाजों को सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की है, लेकिन गैस उपलब्धता अब भी चिंता का विषय बनी हुई है।
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पिछली बैठक में क्या हुआ था?
यह बैठक 22 मार्च को हुई CCS की पिछली समीक्षा बैठक के बाद हो रही है। उस बैठक में सरकार ने उन जरूरी चीजों और अहम क्षेत्रों का व्यापक आकलन किया था, जिन पर इस क्षेत्र में चल रहे संघर्ष का असर पड़ने की संभावना थी।
बैठक में कौन-कौन होगा शामिल
CCS, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर भारत की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है, में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल हैं।
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बता दें कि अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू हुए एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, जिसके चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिर हो गया है और भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार पूरे मामले पर नजर रखे हुए है और राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने को तैयार है।