देश में कितना बड़ा संकट आने वाला है? PM मोदी ने 24 घंटे में दूसरी बार की अपील- पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करें, सोना की खरीदारी टाल दें

पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि इस समय में देश को जनभागीदारी की शक्ति की बहुत बड़ी आवश्यकता है। हमें भारत के नागरिक के तौर पर अपने कर्तव्य को प्राथमिकता देनी होगी।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
modi
modi | Image: ANI

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के वडोदरा में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर कहा कि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है जिसमें से भारत भी एक है। उन्होंने एक बार फिर अपील की कि पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल जितना हो सके कम करें और हालात सामान्य होने तक सोने की खरीदारी टाल दें।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में दुनिया लगातार अस्थिर परिस्थितियों से गुजर रही है। पहले कोरोना का संकट, फिर वैश्विक आर्थिक चुनौतियां और अब पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव। इन सारी परिस्थितियों का असर लगातार पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। अगर कोरोना महामारी इस सदी का सबसे बड़ा संकट थी तो पश्चिम एशिया में युद्ध से बनी परिस्थितियां इस दशक के बड़े संकटों में से एक है।

इस संकट से भी अवश्य पार पा जाएंगे- पीएम

उन्होंने कहा कि जब हमने मिलकर कोरोना का मुकाबला कर लिया तो इस संकट से भी अवश्य पार पा जाएंगे। सरकार भी लगातार ये प्रयास कर रही है कि देश के लोगों पर इसका कम से कम असर हो। लेकिन ऐसे समय में देश को जनभागीदारी की शक्ति की बहुत बड़ी आवश्यकता है हमें भारत के नागरिक के तौर पर अपने कर्तव्य को प्राथमिकता देनी होगी।

प्रधानमंत्री ने जनता से की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले के दशकों में भी जब-जब देश युद्ध या किसी और अन्य बड़े संकट से गुजरा है, सरकार की अपील पर हर नागरिक ने ऐसे ही अपना दायित्व निभाया है। आज भी जरूरत है कि हम सब मिलकर अपना दायित्व निभाएं। देश के संसाधनों पर पड़ने वाले बोझ को कम करें।

Advertisement

देश पर दोहरा संकट है- PM मोदी

वह कहते हैं कि भारत कितने ही उत्पादों को मंगाने के लिए लाखों-करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा खर्च करता है। इसी समय विदेश से आने वाले उत्पादों की कीमतें भी आसमान छू रही है और सप्लाई चेन भी बुरी तरह तहस-नहस हो चुकी है। इसलिए देश पर यह दोहरा संकट है। जैसे बूंद-बूंद से घड़ा भरता है, वैसे ही हमें हर छोटे-बड़े प्रयास से ऐसे उत्पादों का उपयोग कम करना है जो विदेश से आते हैं। साथ ही ऐसे व्यक्तिगत कामों से भी बचना है जिसमें विदेशी मुद्रा खर्च होती हो।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर क्या बोले?

पीएम ने बताया कि भारत के इंपोर्ट का बहुत बड़ा हिस्सा क्रूड ऑयल है। दुर्भाग्य से जिस क्षेत्र के बड़े हिस्से से दुनिया को तेल मिलता है आज वही क्षेत्र संघर्ष और युद्ध की स्थिति में उलझा हुआ है। इसलिए जब तक हालात सामान्य नहीं होते, हम सभी को मिलकर छोटे-छोटे संकल्प लेने होंगे।

Advertisement

'पेट्रोल-डीजल का संयम से इस्तेमाल जरूरी'

उन्होंने आगे कहा, 'मैं अपने देश के हर नागरिक से अपील करता हूं कि वे पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल जितना हो सके कम करें। मेट्रो का इस्तेमाल करें, इलेक्ट्रिक बसों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें और कारपूलिंग को बढ़ावा दें। जिनके पास कार है, उन्हें एक ही गाड़ी में ज्यादा लोगों को साथ ले जाना चाहिए। डिजिटल टेक्नोलॉजी ने अब इतनी सारी चीजें आसान बना दी हैं कि टेक्नोलॉजी की मदद हमारे लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी। यह जरूरी है कि सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के दफ्तरों में वर्चुअल मीटिंग और 'वर्क फ्रॉम होम' को प्राथमिकता दी जाए।'

‘…तब तक सोने की खरीदारी टाल दें’

पीएम मोदी ने कहा, 'देश का बहुत सारा पैसा सोने के आयात पर भी विदेश चला जाता है। इसलिए मैं आप सभी देशवासियों से आग्रह करूंगा कि जब तक हालात सामान्य न हो जाएं, तब तक सोने की खरीदारी टाल दें। आज समय की मांग है कि हम 'वोकल फॉर लोकल' को एक जन-आंदोलन बना दें। विदेशी सामान के बजाय, स्थानीय उत्पादों को अपनाएं। अपने गांव, अपने शहर और अपने देश के उद्यमियों को सशक्त बनाएं।'

यह भी पढ़ें: चुनावों से पहले योगी मंत्रिमंडल विस्तार पर मायावती की आई प्रतिक्रिया, यूपी में ब्राह्मणों की सुरक्षा पर उठाए सवाल, दी ये सलाह

 

Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड