सौरभ भारद्वाज पर मानहानि का मामला चलाने को लेकर दाखिल याचिका खारिज

दिल्ली की एक अदालत ने सितंबर 2018 में की गई कथित अपमानजनिक टिप्पणियों के लिए आम आदमी पार्टी (आप)नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलाने के अनुरोध वाली भाजपा नेता की याचिका शनिवार को खारिज कर दी।

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AAP spokesperson Saurabh Bhardwaj
सौरभ भारद्वाज | Image: ANI

दिल्ली की एक अदालत ने सितंबर 2018 में की गई कथित अपमानजनिक टिप्पणियों के लिए आम आदमी पार्टी (आप)नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलाने के अनुरोध वाली भाजपा नेता की याचिका शनिवार को खारिज कर दी। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सूरजभान चौहान द्वारा निचली अदालत के 19 फरवरी के आदेश के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। मजिस्ट्रेट अदालत ने भारद्वाज के खिलाफ शिकायत करने में देरी का हवाला देते हुए चौहान की याचिका खारिज कर दी थी।

अदालत ने कहा कि शिकायत करने की समयावधि 16 मार्च, 2024 को समाप्त हो गई है। न्यायाधीश ने कहा कि अदालत ने पाया है कि चौहान का आचरण ‘‘मनमौजी और अवसरवादी’’ रहा है, क्योंकि उन्होंने 2025 की शुरुआत में दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले दिसंबर 2024 में प्रतिवादी सौरभ भारद्वाज के खिलाफ वर्ष 2018 के संवाददाता सम्मेलन के संबंध में विलंब से मानहानि की शिकायत दर्ज कराई।

चौहान ने आरोप लगाया था कि भारद्वाज ने 2018 में एक प्रेस कांफ्रेंस में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने का झूठा दावा कर उन्हें बदनाम किया था। भाजपा नेता ने विशेष न्यायाधीश के समक्ष दावा किया कि उन्होंने दिल्ली के पूर्व मंत्री भारद्वाज के खिलाफ ‘‘अनजाने में’’ राउज एवेन्यू अदालत के बजाय साकेत अदालत में शिकायत दर्ज करा दी थी, जिस पर सितंबर 2020 में सुनवाई होनी थी।

चौहान ने बताया कि इसके बाद उन्होंने नवंबर 2022 में साकेत से शिकायत वापस ले ली और वर्तमान शिकायत 12 दिसंबर 2024 को राउज एवेन्यू अदालत में दर्ज कराई गई। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘पुनरीक्षण याचिका में दिए गए आधार, आदेश में किसी भी अवैधता, त्रुटि या अनौचित्य को स्थापित करने में सफल नहीं हुए हैं। पुनरीक्षण याचिका खारिज की जाती है।’’

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मजिस्ट्रेट अदालत ने 19 फरवरी को चौहान की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि मानहानि का कथित अपराध सितंबर 2018 में हुआ था और मौजूदा शिकायत दायर करने की समय सीमा तीन साल है। मजिस्ट्रेट ने कहा कि देरी के लिए चौहान द्वारा प्रस्तुत कोई भी दलील न्यायोचित नहीं पायी गयी। अदालत ने कहा, ‘‘शिकायतकर्ता वर्तमान शिकायत दायर करने में देरी के लिए छूट पाने का हकदार नहीं है। तदनुसार, वर्तमान अर्जी खारिज की जाती है।’’

Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड