हाईवे पर लगाया CCTV, सेना के मूवमेंट की लाइव फीड पाकिस्तान भेजता था पठानकोट का बिट्टू, 40 हजार में बेच दी देश की सुरक्षा!

Pathankot news: पुलिस ने पठानकोट से बलजीत सिंह उर्फ बिट्टू को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने हाईवे पर CCTV कैमरा लगाकर भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की आवाजाही की जानकारी पाकिस्तान से जुड़े हैंडलर्स को भेजी।

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Man arrested in Pathankot
पठानकोट में शख्स गिरफ्तार | Image: Republic

Punjab news: पंजाब के पठानकोट जिले में पुलिस ने जासूसी मामले का भंडाफोड़ किया है। देश की सुरक्षा से जुड़ी इस घटना में बलजीत सिंह उर्फ बिट्टू नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जिसने नेशनल हाईवे-44 पर CCTV कैमरा लगाकर भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की आवाजाही की जानकारी पाकिस्तान से जुड़े हैंडलर्स तक पहुंचाई थी।

जनवरी 2026 में लगाया था कैमरा

पुलिस के मुताबिक, बिट्टू चक्क धारीवाल गांव का रहने वाला है। यह गांव पठानकोट से करीब है। आरोपी ने यहां एक दुकान के पास हाईवे पर इंटरनेट वाला CCTV कैमरा लगाया था। यह जगह सुजानपुर इलाके में पुल नंबर चार और पांच के बीच है, जो पठानकोट-जम्मू हाईवे का हिस्सा है। उसने जनवरी 2026 से यह कैमरा लगाया गया था। कैमरा से ली गई लाइव फीड इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पाकिस्तान और विदेश में बैठे हैंडलर्स तक भेजी जा रही थी।

पूछताछ में बलजीत सिंह ने कबूल किया कि दुबई में बैठे एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे संपर्क किया। इस काम के बदले उसे 40 हजार रुपये दिए गए।

पुलिस को मिली थी गुप्त सूचना

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हाईवे पर कुछ संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। सीआईए स्टाफ की मदद से छापा पड़ा और बलजीत सिंह के पास से CCTV कैमरा और वाई-फाई राउटर बरामद हुआ।

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पठानकोट के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि इस कैमरे की लाइव फीड सीधे पाकिस्तान और विदेशों में बैठे लोगों तक पहुंच रही थी। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया। मामले में बलजीत सिंह के अलावा तीन और लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिसमें विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्का, बलविंदर सिंह उर्फ विक्की और तरनीप्रीत सिंह उर्फ टन्नू के नाम शामिल हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है और छापेमारी जारी है।

बाकी आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस की जांच में पता चल रहा है कि यह नेटवर्क सिर्फ पठानकोट तक सीमित नहीं हो सकता। फंडिंग के स्रोत और क्रॉस-बॉर्डर लिंक्स की गहराई से जांच हो रही है। आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में फरार आरोपियों की तलाश के लिए भी छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है।

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Published By:
 Ruchi Mehra
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