'2029 तक विपक्ष के रवैए से देश को बहुत बड़ा नुकसान हो जाएगा, संसद में विपक्ष ने बार-बार गोलपोस्ट बदला, तकलीफ...', विपक्ष पर बरसे मोदी के 'हनुमान'

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि धीरे-धीरे विपक्ष ने इसे परंपरा बना लिया है कि सदन नहीं चलने देना है। तकलीफ इस बात की होती है कि सदन को बाधित करके वे इसमें अपनी सफलता की अनुभूति करते हैं।

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 Chirag Paswan
Chirag Paswan | Image: PTI

संसद का मानसून सत्र गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। पहले लोकसभा और फिर राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। पूरा सत्र हंगामे और विरोध प्रदर्शनों की भेंट चढ़ गया, जिसके कारण संसद में कोई उल्लेखनीय विधायी काम नहीं हो सका। गुरुवार को भी संसद परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखे। सत्र समाप्त होने के बाद अब दोनों तरफ से एक-दूसरे पर सदन नहीं चलने देने का आरोप लगाए जा रहे हैं।

पूरे सत्र के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किए। कभी सदन के अंदर तो कभी बाहर बवाल होता रहा। विपक्ष का कहना है कि सदन चलाना सरकार की जिम्मेदारी होती है, जबकि सत्ता पक्ष का आरोप है कि विपक्ष ने सदन नहीं चलने देने को अपनी परंपरा बना लिया है। विपक्षी सांसदों के रवैये को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सवाल उठाया है।

विपक्ष धीरे-धीरे सदन में बैठने की आदत खो रहा है-चिराग पासवान

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, "धीरे-धीरे विपक्ष ने इसे परंपरा बना लिया है कि सदन नहीं चलने देना है। तकलीफ इस बात की होती है कि सदन को बाधित करके वे इसमें अपनी सफलता की अनुभूति करते हैं। उनको लगता है कि अगर सदन नहीं चलने दिया तो ये उनकी सफलता है। इस सोच से हमें एतराज हैं। विपक्ष के सांसद इस बात से खुश होते हैं कि उन्होंने सदन नहीं चलने दिया। लोकतंत्र में ये उचित नहीं है। विपक्ष धीरे-धीरे सदन में बैठने की आदत खो रहा है।"

 2029 तक देश को बड़ा नुकसान होगा-चिराग पासवान

अगर विपक्ष के यही रवैया रहा तो 2029 तक देश को उनकी वजह से बहुत बड़ा नुकसान हो जाएगा। सत्ता पक्ष ने बहुत प्रयास किया। राहुल गांधी के चैंबर में गए उनसे बात करने की कोशिश की। कल तो गृह मंत्री अमित शाह ने खुद सामने आकर कहा था कि वो विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं। इससे ज्यादा सरकार क्या कर सकती है। विपक्ष ने बार-बार अपना गोलपोस्ट बदला। कभी राम मंदिर, कभी छात्र आंदोलन, कभी प्रधानमंत्री मोदी माफी मांगे तो कभी गृह मंत्री से माफी की मांग। इससे स्पष्ट होता है कि विपक्ष ने मन बना लिया कि सदन चलने नहीं देना है।

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Published By:
 Rupam Kumari
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