संसद ने अनुदान की अनुपूरक मांगों, मणिपुर के बजट को मंजूरी दी

संसद ने मंगलवार को वर्ष 2024-25 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच, 2021-22 के लिए अतिरिक्त अनुदानों की मांगों और 2025-26 के लिए मणिपुर के बजट और राज्य से संबंधित अनुदान की अनुपूरक मांगों को मंजूरी प्रदान की।

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Finance Minister Nirmala Sitharaman
Finance Minister Nirmala Sitharaman | Image: Lok Sabha

संसद ने मंगलवार को वर्ष 2024-25 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच, 2021-22 के लिए अतिरिक्त अनुदानों की मांगों और 2025-26 के लिए मणिपुर के बजट और राज्य से संबंधित अनुदान की अनुपूरक मांगों को मंजूरी प्रदान की। राज्यसभा में इन पर चर्चा होने और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब के बाद इन्हें ध्वनिमत से लौटा दिया गया। लोकसभा इन्हें पिछले सप्ताह मंगलवार, 11 मार्च को ही पारित कर चुकी है।

चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अनुदान की अनुपूरक मांगों का बड़ा हिस्सा उर्वरक सब्सिडी और एकीकृत पेंशन योजना पर खर्च होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम मणिपुर की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रयास करते रहेंगे।’’ मंत्री के जवाब पर असंतोष जताते हुए तृणमूल कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया।

मणिपुर के बजट को संसद से मंजूरी 

सरकार ने मार्च में समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष के लिए 51,462.86 करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय करने के लिए सोमवार को संसद से अनुमोदन की मांग की थी। इस राशि का बड़ा हिस्सा पेंशन और उर्वरक पर सब्सिडी में जाएगा। सरकार ने 6.78 लाख करोड़ रुपये से अधिक के सकल अतिरिक्त व्यय की मांग की है, जिसमें से 6.27 लाख करोड़ रुपये बचत और प्राप्तियों से लिया जाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में वर्ष 2025-26 के लिए मणिपुर का बजट पेश किया था, जिसमें 35,103.90 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान किया गया है। चालू वित्त वर्ष में राज्य के लिए बजटीय आवंटन 32,656.81 करोड़ रुपये था। मणिपुर में वर्तमान में राष्ट्रपति शासन लागू है।

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड