'टेढ़ी गर्दन, लचकती कमर...'श्रीराम से तुलना कर धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान कृष्ण पर दिया विवादित बयान, बोले- बंसी बजाना खेल, धनुष चलावा वीरता- VIDEO

हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करने वाले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के एक कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम से तुलना करते हुए श्रीकृष्ण का अपमान किया है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon

हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करने वाले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के एक कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम से तुलना करते हुए श्रीकृष्ण का अपमान किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने भगवान कृष्ण के खड़े होने, बंसी बजाने और उनके वृंदावन धाम पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की है। बागेश्वर बाबा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान कृष्ण का जिक्र करते हुए कहा, “तुम अपने वाले ठाकुर जी की एक भी फोटो देख लो, कहीं बैठे हैं तो टेढ़े। वो खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े। पैर के ऊपर पैर, कमर कहीं लचकाएं, बंसी बजाएं तो टेढ़े।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे वाले भगवान खड़े भी होते हैं तो एकदम सीधे होते हैं। हमारे वाले का नाम भी एकदम सीधा और हमारे वाले भगवान का चलना भी एकदम सीधा है।”

'बंसी बजाना तो खेल है'

धीरेंद्र शास्त्री यहीं नहीं रुकते। आगे वह श्रीकृष्ण के बांसुरी बजाने और श्रीराम के धनुष चलाने की भी तुलना करते हैं। वह कहते हैं, 'और सुनो... बंसी का बजाना तो खेल भी है... धनुष चलाना खेल नहीं। जितने ठाकुर जी वाले बैठे हैं, आज तो तुम्हारे ठाकुर जी की भी जय-जयकार हो रही है। और सुनो, तुम्हारे ठाकुर जी क्या करते? बंसी बजाते? तो बंसी कोई बड़ी बात थोड़ी है। देखो हमारे यहां तो ये भी बजा रहा है, बजा भैया बजा।'

Advertisement

आगे धीरेंद्र शास्त्री कहते हैं, 'राम जी वाले कितने बैठे हैं हाथ उठाओ। हां, आज तुम लोग फूले नहीं समाओगे। बंसी का बजाना तो खेल भी है... पर धनुष चलाना खेल नहीं।' धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी टिप्पणी में भगवान राम के धाम अयोध्या और भगवान कृष्ण की नगरी वृंदावन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “तुम्हारे वालों का नाम भी टेढ़ा, चलते भी टेढ़े, खड़े भी टेढ़े होते। हमारे वाले का धाम भी सीधा- अयोध्या। तुम्हारे वाले का वृंदावन।”

'गायों को चराना तो खेल भी है, बंदरों को नचाना खेल नहीं'

Advertisement

उन्होंने आगे कहा, ''तुम कहोगे कि हमारे वाले तो गाय चराते हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि गैय्या तो कोई भी चरा लेगा। उन्होंने गाते हुए कहा, ''गायों को चराना तो खेल भी है, बंदरों को नचाना खेल नहीं।'' उन्होंने ये भी कहा, ''तुम कहोगे कि हमारे वाले तो पर्वत उठा लेते हैं, ये कोई बड़ी बात है क्या? हमारे वाले भगवान के चेला ने तो पूरा पर्वत ही उड़ा दिया।'' हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि इसका मतलब ये नहीं है कि हम ठाकुर जी के विरोधी हैं। हम उनके बिल्कुल भी विरोधी नहीं हैं। विनोद की बात आ गई जो हमने कह दिया।

इसे भी पढ़ें- शरीर पर लिपस्टिक पोती, कराया न्‍यूड डांस… शिवा को जलील कर खुश होती थी श्रद्धा, पुलिस के सामने उगले राज; पेन ड्राइव में हैं सफेदपोशों के काले करतूत
 

Published By:
 Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड