Bihar: जमुई में नाबालिग लड़की से सरेआम बदसलूकी पर विपक्ष का फूटा गुस्सा, ममता बोलीं- एक देश के तौर पर हम फेल
Bihar Harassment Case: जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रों संग हुई घटना पर विपक्ष का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा की है।
- भारत
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Bihar Harassment Case: बिहार के जमुई जिले में नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ कथित छेड़छाड़ और मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना का वाीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, ममता बनर्जी समेत अन्य नेताओं ने घटना की निंदा की। साथ ही बिहार सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता ने आरोपियों के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है।
ममता बनर्जी ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा, 'बिहार का वीडियो दिल दहला देने वाला और चौंकाने वाला है। सच कहूं तो इसे देखकर मुझे बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा है। जिन लोगों ने 'मॉरल पुलिसिंग' के नाम पर कानून अपने हाथ में लिया, पुलिस और कानून को उन्हें जवाबदेह ठहराना चाहिए। कोई भी समाज में भीड़ यह तय करने की इजाजत नहीं दे सकती कि किसे सम्मान, आजादी या सजा मिलनी चाहिए।
मुझे खेद है- ममता बनर्जी
बनर्जी ने आगे नाबालिगों से माफी मांगते हुए कहा कि उन छोटे बच्चों से मुझे खेद है। मैं आपसे माफी मांगती हूं। उन्होंने कहा कि क्योंकि कहीं न कहीं एक देश के तौर पर हम उन्हें सुरक्षित रखने और उनके भरोसे की रक्षा करने में नाकाम रहे। आपने अपने आस-पास के बड़ों, संस्थाओं और समाज पर जो भरोसा किया था, हम उस पर खरे नहीं उतरे।
ममता बनर्जी ने बीजेपी पर लगाया आरोप
उन्होंने BJP पर निशाना साधते हुए कहा, ‘एक राजनीतिक पाखंड भी है जिसे हम नजरअंदाज़ नहीं कर सकते। बीजेपी नेता उन राज्यों में न्याय की मांग करते हैं जहां वे सत्ता में नहीं हैं। लेकिन जहां वे सत्ता में हैं, वहां वे ही अन्याय का जरिया बन जाते हैं।’
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राहुल गांधी का फूटा गुस्सा
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, 'बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है। 10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया। उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया। बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे।'
'बदतमीजी करने का हक किसने दिया?'
उन्होंने सवाल किया, 'इन लोगों को ऐसी बदतमीजी करने का हक किसने दिया? यह 'संस्कृति' नहीं है, यह Patriarchy है। ये सोच कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है। जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर 'अंधभक्त' ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है।'
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कांग्रेस नेता ने मांग करते हुए कहा, 'उस वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए और उन अपराधियों पर POCSO के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए।' उन्होंने पूछा कि अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं? बिहार सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?'
बिहार में कोई भी छात्रा और महिला सुरक्षित नहीं- तेजस्वी
वहीं तेजस्वी यादव ने कहा, ‘बिहार में अराजक स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। बिहार में अब कहीं भी, कभी भी, कोई भी छात्रा और महिला सुरक्षित नहीं है। गुंडे अपराधी अब दिन दहाड़े स्कूलों, कॉलेज और घरों में घुसकर अपराध कर रहे है। महिलाओं को 10 हजार रूपया नगद देकर और चुनाव बाद दो लाख रुपये और देने का वादा करने वाले प्रधानमंत्री ऐसी घटनाओं पर मौनी बाबा बन चुके है। एनडीए सरकार में महिलाओं, छात्रों, गरीबों और दलितों पर अत्याचार में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। बिहार का खजाना लुटाकर तथा महिलाओं को 2 लाख रुपए देने का लालच देकर श्री नीतीश कुमार तो चार महीने में ही अपना झोला-झंडा उठाकर चल दिए।’
उन्होंने आगे कहा, ‘विधानसभा चुनाव के अंतिम 35 दिनों में बिहार के खजाने से ही एक बीमार मुख्यमंत्री से 41 हज़ार करोड़ रुपए बंटवाकर तथा तंत्र व यंत्र से विजय हासिल कर घमंड में डूबे बीजेपी के दो शीर्ष नेता नौसिखिए हाथों में बिहार की बागडोर देकर, पता नहीं बिहार से किस जुर्म का बदला ले रहे है? बिहार के इस हालात के अकेले ज़िम्मेवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। भाजपा और उनकी पिछलग्गु पार्टियों को ऐसी घटनाओं पर शर्म भी नहीं आती।’
जमुई घटना पर पुलिस का एक्शन
जमुई वायरल वीडियो मामले पर ADG कानून-व्यवस्था के. एस. अनुपम ने कहा, 'जमुई में 19 तारीख को एक नाबालिग लड़की अपने दोस्त के साथ फोटो खींचने गई थी। उसी समय वहां कुछ नाबालिग छात्र और युवक आए और लड़की के साथ छेड़खानी की। सूचना मिलने पर लड़की के घर जाकर पुलिस ने बयान दर्ज किया। इसके बाद जमुई पुलिस के द्वारा 3 नाबालिग बच्चों को पकड़ा गया है। 2 अन्य के शामिल होने की जानकारी मिली है। विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पॉक्सो की धारा भी लगाई गई है।'
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 19 सितंबर की शाम करीब 6-7 बजे के आसपास की है, जहां सड़क पर कुछ लोग बाइक सवार नाबालिग लड़के और लड़की का रास्ता रोकते हैं। इसी बीच एक नकाबपोश आदमी लड़की की तरफ बढ़ा और उसे जबरन खींचकर अपने साथ ले जाने की कोशिश करने लगा। इस दौरान डर से सहमी लड़की बुरी तरह चीखती दिखाई दीं। उसके साथी लड़के ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद जमुई पुलिस सक्रिय हुई।