BREAKING: वक्फ विधेयक पर बनी JPC की मीटिंग में भारी हंगामा, अध्यक्ष ने विपक्ष के 10 सांसदों को सस्पेंड किया
जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने विपक्ष के 10 सांसदों को सस्पेंड कर दिया है। चर्चा के दौरान विपक्ष के सांसद मीटिंग छोड़कर चले गए थे।
- भारत
- 4 min read

Waqf Amendment Bill: वक्फ विधेयक को लेकर संसदीय समिति की बैठक में भारी हंगामा हुआ है। इसी हंगामे के चलते जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने विपक्ष के 10 सांसदों को सस्पेंड कर दिया है। चर्चा के दौरान विपक्ष के सांसद मीटिंग छोड़कर चले गए थे। उसके बाद सभापति की तरफ से कार्रवाई की गई। टीएमसी, डीएमके, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं को जेपीसी से निलंबित किया गया है।
जेपीसी की मीटिंग की वीडियो सामने आई है, जिसमें विपक्ष के सांसद खड़े होकर सभापति के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। हंगामा करने वाले नेताओं में कल्याण बनर्जी, ए राजा, असदुद्दीन ओवैसी के अलावा कुछ अन्य विपक्षी सांसद दिखाए दिए। मीटिंग के दौरान विपक्ष के सदस्य 'तानाशाही नहीं चलेगी' जैसे नारे लगा रहे थे।
जेपीसी की बैठक में क्यों हंगामा हुआ?
जगदंबिका पाल की अध्यक्षता में वक्फ संशोधन विधेयक पर संयुक्त समिति कश्मीर के धार्मिक प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के विचार सुनने बैठी थी। वर्तमान में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर जेपीसी संसद परिसर में बैठक कर रही है। इसी दौरान मीटिंग में हंगामा हुआ। विपक्ष के सदस्यों ने दावा किया कि उन्हें मसौदा कानून में प्रस्तावित बदलावों का अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया जा रहा है। कई सदस्य बैठक का बहिष्कार करके वहां से चले आए।
कल्याण बनर्जी ने सभापति पर लगाए आरोप
TMC सांसद और वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर JPC के सदस्य कल्याण बनर्जी कहते हैं- 'बैठक में अघोषित आपातकाल जैसा माहौल चल रहा है। सभापति इस (बैठक) को आगे बढ़ा रहे हैं। वो किसी की नहीं सुन रहे हैं। वो (बीजेपी सांसद) सोचते हैं कि वो उप प्रधानमंत्री और उप गृह मंत्री हैं। ये पूरी तरह से दिखावा है। हमें बताया गया था कि 24 और 25 जनवरी को बैठक होगी। अब आज की बैठक के लिए एजेंडा को खंड दर खंड चर्चा से बदल दिया गया है।' कल्याण बनर्जी आरोप लगाते हैं कि ये राजनीति से प्रेरित है और एजेंडा सेट करने के लिए ये सब कर रहे हैं। दिल्ली चुनाव है, इसलिए उन्हें वक्फ को लेकर जल्दबाजी है। विपक्ष की आवाज को सभापति सुन नहीं रहे हैं।
Advertisement
निशिकांत दूबे ने दिया जवाब
जेपीसी की बैठक पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे कहते हैं, 'विपक्ष के लोगों, खासकर ओवैसी साहब की सोच है कि हमने जम्मू-कश्मीर का पूरा प्रतिनिधित्व नहीं सुना और मीरवाइज उमर फारूक को बुलाया। उन्हें सुनने के लिए ही जेपीसी अध्यक्ष ने बैठक स्थगित कर दी और खंडवार चर्चा की। आज विपक्ष की सोच और नजरिया उजागर हो गया है। उन्होंने मीरवाइज के सामने हंगामा किया और बदसलूकी की। ये संसदीय लोकतंत्र के खिलाफ है।'
निशिकांत दूबे का कहना है- 'अगर आज और कल खंडवार चर्चा के लिए बैठक होती भी तो 27 जनवरी या 28 जनवरी को एक और बैठक होती। 27 जनवरी के लिए पहले से ही बैठक तय थी। विपक्ष बहुमत की आवाज को दबाना चाहता है। अधिकतम सदस्यों ने 27 जनवरी को बैठक करने का सुझाव दिया है। 29 जनवरी को हम अध्यक्ष को रिपोर्ट सौंपेंगे। जब भी मैंने जेपीसी में बोलने के लिए माइक लिया है, विपक्ष ने हमेशा मेरी आवाज को दबाने की कोशिश की है।'