हथकड़ी लगाकर अवैध प्रवासियों को वापस भेजने पर भारत ने कहा, इससे बचा जा सकता था

भारत ने शुक्रवार को कहा कि उसने हथकड़ी लगाकर अवैध प्रवासियों को वापस भेजे जाने के मुद्दे पर अमेरिका के समक्ष चिंता व्यक्त की है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Illegal Immigrants, Indians
US deports illegal Indian migrants | Image: ANI

भारत ने शुक्रवार को कहा कि उसने हथकड़ी लगाकर अवैध प्रवासियों को वापस भेजे जाने के मुद्दे पर अमेरिका के समक्ष चिंता व्यक्त की है। इसने यह भी कहा कि इस तरह के व्यवहार से बचा जा सकता था।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री की यह टिप्पणी अमेरिका द्वारा अवैध भारतीय प्रवासियों को सैन्य विमान में 40 घंटे की उड़ान के दौरान हथकड़ी लगाकर वापस भेजे जाने पर मचे बवाल के बीच आई है।

मिस्री ने प्रवासियों को भेजे जाने से संबंधित प्रश्नों पर कहा, ‘‘हमने अपनी चिंताओं से अमेरिका को अवगत कराया है कि इस प्रकार के व्यवहार से बचा जा सकता है।’’

उन्होंने कहा कि अमेरिका से भेजे जाने के लिए 487 भारतीय नागरिकों को चिह्नित कर लिया गया है और 298 लोगों का विवरण भारत के साथ साझा किया गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है।

Advertisement

विदेश सचिव ने कहा कि हथकड़ी लगाकर अवैध प्रवासियों को वापस भेजने की अमेरिकी नीति 2012 से ही लागू है। विदेश सचिव से जब पूछा गया कि क्या भारत ने 2012 में हथकड़ी लगाकर अवैध प्रवासियों को वापस भेजने पर अपना विरोध दर्ज कराया था, तो उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि कोई विरोध जताया गया था। हमारे पास आपत्ति के संबंध में कोई रिकॉर्ड नहीं है।’’

मिस्री ने विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा बृहस्पतिवार को संसद में दिए गए बयान का हवाला दिया। उन्होंने कहा, ‘‘विदेश मंत्री ने मानक संचालन प्रक्रिया से अवगत कराया जैसा कि अमेरिकी अधिकारियों ने आव्रजन और सीमा शुल्क नियमन पर सूचित किया था।’’

Advertisement

उन्होंने कहा कि मंत्री ने इस तथ्य की ओर ध्यान दिलाया किया कि ऐसी प्रक्रिया 2012 से ही प्रचलन में है। विदेश सचिव ने कहा कि भारत अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष लगातार जोर देकर कह रहा है कि भेजे जाने वाले प्रवासियों के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे ध्यान में दुर्व्यवहार का कोई भी मामला सामने आने पर हम उसे उठाते रहेंगे।’’

मिस्री ने अवैध आव्रजन के पारिस्थितिकी तंत्र के ‘‘असली कैंसर’’ के खिलाफ कार्रवाई करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

Published By:
 Kanak Kumari Jha
पब्लिश्ड