उमर अब्दुल्ला ने खोली आतंक पर दुनिया के दोहरे रवैये की पोल, पाकिस्तान को IMF से मिले लोन पर उठाए सवाल; कहा- सोच भी कैसे सकते हो...
भारत ने बेलआउट पैकेज देने का कड़ा विरोध किया और कहा कि पाकिस्तान इस पैसे का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए फंडिंग में कर सकता है।
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Omar Abdullah slams IMF: जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आतंकवाद को लेकर दुनिया के दोहरे रवैये की पोल खोलकर रख दी है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान में युद्ध जैसे हालातों के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मिले लोन पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि ऐसे तनाव कैसे कम होगा?
भारत और पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बीच IMF ने पाकिस्तान को 1 बिलियन डॉलर का फंड दे दिया है। भारत ने पाकिस्तान को बेलआउट पैकेज देने का कड़ा विरोध किया था और कहा कि पाकिस्तान इस पैसे का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए फंडिंग में कर सकता है।
IMF के फैसले पर उमर अब्दुल्ला ने उठाए सवाल
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने IMF के इस फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने एक्स पर लिखा, "मुझे समझ नहीं आता कि 'अंतरराष्ट्रीय समुदाय' यह कैसे मान रहा है कि दक्षिण एशिया में तनाव कम होगा, जबकि IMF पाकिस्तान को उन हथियारों और गोला-बारूद के लिए पैसा दे रहा है जिसका इस्तेमाल वो पुंछ, राजौरी, उरी, तंगधार और कई दूसरी जगहों पर हमला करने में कर रहा है।"
भारत ने वोटिंग से बनाई दूरी
इससे पहले इंटरनेशनल मॉनिटरिंग फंड ने पाकिस्तान को प्रस्तावित बेलआउट पैकेज पर भारत ने वोटिंग से किनारा कर लिया था। भारत ने लोन पर ऐतराज जताते हुए पाकिस्तान के खराब ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला दिया था और कहा कि पाकिस्तान ने पहले भी जो वित्तीय मदद प्राप्त की है, उसका उपयोग सही तरीके से नहीं किया गया है।
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IMF की शर्तों को पूरा न करने को लेकर भारत ने जताई चिंता
भारत ने कहा कि इस्लामाबाद के वित्तीय सहायता के इस्तेमाल में रिकॉर्ड खराब है। बैठक में भारत ने पाकिस्तान की ओर से बार-बार आईएमएफ की सहायता शर्तों को पूरा न करने को लेकर चिंता भी जाहिर की। भारत ने आईएमएफ की रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान को बार-बार राहत दिए जाने से वह आईएमएफ के लिए 'टू बिग टू फेल' कर्जदार बन गया है। साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान को आईएमएफ सहायता देने में राजनीतिक कारक भी भूमिका निभाते हैं।
भारत ने पाकिस्तान की आतंकपरस्त नीति को एक्सपोज करते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंक को बढ़ावा देने में हर संभव मदद करता है। भारत में यह भी दोहराया कि पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता अप्रत्यक्ष रूप से उसकी खुफिया एजेंसी और आतंकी संगठन जैसे लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद की मदद करती है जो भारत के खिलाफ आतंकी हमले की साजिश रचते हैं और कारयाना आतंकी हमलों को अंजाम देते रहे हैं।