अब कोई विस्फोट करने की हिम्मत नहीं कर सकता- अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में शुक्रवार को कहा कि अब कोई भी व्यक्ति विस्फोट करके भागने की हिम्मत नहीं कर सकता, जैसा कि देश में पहले हुआ करता था। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित है।

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Amit Shah in Rajya Sabha
अमित शाह | Image: Video Grab

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में शुक्रवार को कहा कि अब कोई भी व्यक्ति विस्फोट करके भागने की हिम्मत नहीं कर सकता, जैसा कि देश में पहले हुआ करता था। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित है। गृह मंत्रालय के कामकाज पर उच्च सदन में हुई चर्चा का जवाब दे रहे शाह ने कहा कि देश में पहले अक्सर विस्फोट होते थे। उन्होंने कहा कि 2008 में मुंबई में आतंकवादी हमला हुआ था। ‘‘लेकिन पिछली सरकारों में आतंकवादियों के खिलाफ वैसी कठोर कार्रवाई नहीं की जाती थी जैसी होनी चाहिए थी।’’

उन्होंने राज्यसभा में कहा, ‘‘एक समय था जब बम विस्फोट होना आम बात थी। मैं देश के लोगों को बताना चाहता हूं कि पिछले 10 वर्षों से बम विस्फोटों का सिलसिला बंद हो गया है। अब कोई भी व्यक्ति बम विस्फोट करने की हिम्मत नहीं कर सकता। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित है। हम आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’

उच्च सदन में केंद्रीय गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा का जवाब दे रहे शाह ने यह भी आश्वासन दिया कि भारत 31 मार्च, 2026 तक नक्सल आतंकवाद (वामपंथी उग्रवाद) से मुक्त हो जाएगा। वर्ष 2008 के मुंबई आतंकी हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले आतंकवादी आसानी से देश में घुस आते थे, होटलों और रेलवे स्टेशनों पर हमला करते थे और भाग जाते थे।

गृह मंत्री ने कहा, ‘‘लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।’’ उन्होंने कहा कि आज कश्मीर में शांति है, पूर्वोत्तर में अधिकांश उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है और देश मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। शाह ने कहा, ‘‘मोदी जी की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और मजबूत प्रबंधन से अब देश सुरक्षित है। विपक्ष को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। हम आपको (विपक्ष को) और देश को सुरक्षित रखेंगे।’’

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गृह मंत्री ने मणिपुर के बारे में कहा कि वहां शांति बहाली के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही राज्य में स्थिति सामान्य हो जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में जातीय हिंसा समाप्त करने के लिए सभी पक्षों से बातचीत कर समस्याओं के हल की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब पूर्वोत्तर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने पर चर्चा होगी तो वह इस मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे।

Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड