अब पोलिंग बूथ पर मिलेगी मोबाइल डिपॉजिट की सुविधा; क्या-क्या करना होगा, चुनाव आयोग ने तय किया

चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों के ठीक बाहर मतदाताओं के लिए मोबाइल डिपॉजिट सुविधा देने और प्रचार के मानदंडों को तर्क संगत बनाने के लिए दो और व्यापक निर्देश जारी किए हैं।

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पोलिंग बूथ पर मोबाइल डिपॉजिट की सुविधा मिलेगी | Image: ANI

Election Commission: भारतीय चुनाव आयोग लगातार इलेक्शन प्रक्रिया और मतदाताओं की सुविधा काम करता रहा है। बिहार में जल्द विधानसभा चुनाव हैं और उसके बाद उत्तर प्रदेश में पंचायत के चुनाव होने हैं। 2026 की ओर जाते जाते देश के और कुछ राज्यों में चुनाव कराए जाएंगे। हालांकि इसके पहले चुनाव आयोग ने एक और कदम उठाया है, जिससे मतदाताओं को बड़ा फायदा होगा। मतदाताओं के लिए सुविधा बढ़ाने और मतदान के दिन व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से चुनाव आयोग इस पहल को शुरू कर रहा है।

चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों के ठीक बाहर मतदाताओं के लिए मोबाइल डिपॉजिट सुविधा देने और प्रचार के मानदंडों को तर्क संगत बनाने के लिए दो और व्यापक निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और चुनाव संचालन नियम, 1961 के प्रावधानों के अनुरूप बताए गए हैं।

मोबाइल डिपॉजिट सुविधा का कैसे मिलेगा लाभ?

इसमें कोई दोराय नहीं है कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मोबाइल फोन की कवरेज और इसका इस्तेमाल बढ़ा है। इससे न सिर्फ आम मतदाताओं बल्कि वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग मतदाताओं की ओर से मतदान के दिन मोबाइल फोन के प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों को देखा जाता रहा है। मसलन चुनाव आयोग ने अब मतदान केंद्रों के ठीक बाहर मोबाइल जमा करने की सुविधा देने का फैसला किया है। मतदान केंद्र के 100 मीटर के भीतर सिर्फ मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति होगी और वो भी फोन बंद करने के बाद।

मतदान केंद्र के एंट्री गेट के पास बहुत ही साधारण लकड़ी के खाने यानि बॉक्स या जूट के बैग उपलब्ध कराए जाएंगे, जहां मतदाताओं को अपने मोबाइल फोन जमा करने होंगे। मतदाता को मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, रिटर्निंग अधिकारी की ओर से प्रतिकूल स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर कुछ मतदान केंद्रों को इस प्रावधान से छूट दी जा सकती है। चुनाव आयोग ने ये भी स्पष्ट किया है कि मतदान केंद्र के भीतर मतदान की गोपनीयता सुनिश्चित करने वाले चुनाव संचालन नियम, 1961 के नियम 49एम, का सख्ती से पालन किया जाना लागू रहेगा।

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चुनाव आयोग की दूसरी पहल क्या है?

चुनाव के दिन सुविधा में सुधार के उद्देश्य से आयोग ने चुनावी कानूनों के अनुरूप प्रचार के लिए मंजूर मानदंडों को लेकर कदम उठाया है। आयोग ने इन मानदंडों को मतदान केंद्र के एंट्री गेट से 100 मीटर की दूरी तक तर्कसंगत बनाया है। मतदान के दिन मतदान केंद्र के आसपास 100 मीटर के दायरे में चुनाव प्रचार की अनुमति नहीं होगी। इसलिए, अगर मतदाता आयोग की ओर से जारी अपनी आधिकारिक मतदाता सूचना पर्ची (वीआईएस) नहीं ले जा रहे हैं तो मतदाताओं को अनौपचारिक पहचान पर्ची जारी करने के लिए मतदान के दिन उम्मीदवारों की ओर से स्थापित बूथ अब किसी भी मतदान केंद्र से 100 मीटर की दूरी पर स्थापित किए जा सकते हैं।

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Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड