Noida Engineer Death Case: इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में दूसरी FIR दर्ज, 5 बड़े नाम आए सामने, कोर्ट ने पूछा- जिम्मेदार कौन?

Noida Engineer Death Case: ग्रेटर नोएडा सेक्टर 150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में दूसरी FIR दर्ज की गई है। अभी तक किन 5 लोगों के नाम सामने आए हैं जानें, फिलहाल SIT ने जांच तेज कर दी है और फरार आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। कल कोर्ट ने लापरवाही को लेकर क्या कुछ सवाल पूछें , पढ़ें।

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Noida Engineer Death Case
नोएडा के इंजीनियर युवराज की मौत मामले में दूसरी FIR | Image: X/ Grab

Noida Engineer Death Case: नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में पुलिस ने अब दूसरा मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा नॉलेज पार्क थाना पुलिस द्वारा जल प्रदूषण निवारण अधिनियम के तहत दर्ज कराया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि सेक्टर-150 स्थित एक भूखंड में जलभराव और खुला गहरा खड्डा इस हादसे का प्रमुख कारण बना। इस FIR में निर्माण स्थल पर लापरवाही और पर्यावरणीय अपराध के आरोप लगाए गए हैं। यह FIR पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अलग-अलग धाराओं के तहत दर्ज की गई है। 

दूसरी एफआईआर में पुलिस ने 5 लोगों को नामजद किया है। इनमें कई बड़े नाम शामिल हैं, जैसे अभय कुमार (MZ Wiztown Planners Private Limited के प्रमोटर और डायरेक्टर हैं, जो पहले ही गिरफ्तार हैं), संजय कुमार, मनीष कुमार, अचल बोहरा और निर्मल कुमार। ये सभी नाम उस प्लॉट और प्रोजेक्ट से जुड़े हैं, जहां 2021 से खुदाई के बाद गहरा गड्ढा पानी से भरा पड़ा था। जिसमें डूबकर युवराज की मौत हो गई। हैरानी वाली बात है कि गड्ढे के आसपास कोई ठोस बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा उपाय नहीं थे। लापरवाही ने एक नौजवान की जान ले ली। खबर इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है और लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। 

कोर्ट की कड़ी टिप्पणी और बिल्डर की न्यायिक हिरासत

मामला बढ़ने के बाद ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर जिला न्यायालय ने बुधवार (21 जनवरी) को मामले की सुनवाई हुई, इस दौरान कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि टूटी नाली और बैरिकेड न लगने की जिम्मेदारी किसकी है? जब सालों से शिकायतें आ रही थीं, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? बतादें, पुलिस ने अभय कुमार को सोमवार को गिरफ्तार किया था। एक दिन की रिमांड के बाद अदालत ने उन्हें 27 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। साथ ही अब पुलिस को 27 जनवरी तक बिल्डर अभय कुमार की गिरफ्तारी के सबूत पेश करने होंगे।

SIT जांच तेज, फरार बिल्डर की तलाश जारी

यूपी सरकार ने युवराज के पिता राज कुमार मेहता की शिकायत पर SIT गठित की, जिसके बाद से ही SIT अपनी तेज जांच के साथ आगे बढ़ रही है और आरोपी लोगों को पकड़ने की कोशिश कर रही है। फिलहाल नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों से भी पूछताछ हो रही है।  

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अब तक क्या कुछ एक्शन हुआ?

इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में पहली FIR में MZ Wiztown Planners और Lotus Greens Construction के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। अभय कुमार (MZ Wiztown Planners Private Limited के प्रमोटर और डायरेक्टर हैं) जिसे सबसे पहले गिरफ्तार किया गया। वहीं, अभी Lotus Greens के बिल्डर फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है। नोएडा अथॉरिटी के CEO डॉ. लोकेश एम को भी हटा दिया गया है। फिलहाल SIT रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में और भी कई कार्रवाई हो सकती है। 

पिता के सामने तड़प-तड़प कर मर गया युवराज

युवराज मेहता 16-17 जनवरी की रात गुरुग्राम से घर लौट रहे थे। घने कोहरे में उनकी कार गड्ढे में गिर गई। उन्होंने लगभग 2 घंटे मदद मांगी, लेकिन भारी संख्या में कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। युवराज की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डूबने की पुष्टि हुई है। ऐसे में अब ये मामला सिर्फ मौत का नहीं रहा, बल्कि बड़ी लापरवाही और पर्यावरणीय अपराध के साथ-साथ सार्वजनिक सुरक्षा की अनदेखी को लेकर भी अब ये मामला उबल चुका है। दो घंटे तक पिता के सामने युवराज चिल्लाता रहा, लेकिन कोई उसको बचाने के लिए आगे नहीं आया। खबर सुनकर लोगों में गुस्सा है, लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। 

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Published By:
 Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड