राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत किसी भी राज्य पर कोई भाषा नहीं थोपी जाएगी- मंत्री सुकांत मजूमदार

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत, स्कूली छात्रों द्वारा सीखी जाने वाली तीन भाषाओं का चयन राज्य, क्षेत्र और बच्चे करेंगे तथा किसी भी राज्य पर कोई भाषा नहीं थोपी जाएगी।

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति | Image: Unsplash

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत, स्कूली छात्रों द्वारा सीखी जाने वाली तीन भाषाओं का चयन राज्य, क्षेत्र और बच्चे करेंगे तथा किसी भी राज्य पर कोई भाषा नहीं थोपी जाएगी। एनईपी द्वारा सुझाया गया तीन-भाषा फॉर्मूला इन दिनों विवाद का केंद्र रहा है और तमिलनाडु ने केंद्र द्वारा हिंदी थोपने का आरोप लगाते हुए इसे लागू करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, केंद्र ने तमिलनाडु के आरोप का खंडन किया है।

राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मजूमदार ने कहा कि बच्चों द्वारा सीखी जाने वाली तीन भाषाएं राज्यों, क्षेत्रों और निश्चित रूप से छात्रों की पसंद से तय होंगी, बशर्ते तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारत की मूल भाषाएं हों। उन्होंने कहा, 'तीन-भाषा फार्मूले में अधिक लचीलापन होगा और किसी भी राज्य पर कोई भाषा नहीं थोपी जाएगी।'

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मजूमदार ने कहा, 'एनईपी 2020 में प्रावधान है कि संवैधानिक प्रावधानों, लोगों, क्षेत्रों और संघ की आकांक्षाओं और बहुभाषावाद को बढ़ावा देने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए तीन-भाषा फार्मूले को लागू किया जाना जारी रहेगा।' मंत्री ने कहा कि नीति में घरेलू भाषा या मातृभाषा में उच्च गुणवत्ता वाली पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने और शिक्षकों को पढ़ाते समय द्विभाषी दृष्टिकोण का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने का भी प्रावधान है।

(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)

Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड