स्टार्टअप इनोवेशन फंड का प्रस्ताव, साथ चलने पर बल...भारत मंडपम में PM मोदी ने BRICS लीडर्स को दिए संबोधन में कही ये बड़ी बातें

भारत की मेजबानी में हो रहे 18वें ब्रिक्स समिट का आज दूसरा और आखिरी दिन है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS नेता पहुंचे हैं।

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"No crisis remains confined to a single region": PM Modi stresses need for greater "resilience" at 2nd day BRICS Summit
स्टार्टअप इनोवेशन फंड का प्रस्ताव, साथ चलने पर बल...भारत मंडपम में PM मोदी ने BRICS लीडर्स को दिए संबोधन में कही ये बड़ी बातें | Image: X

भारत की मेजबानी में हो रहे 18वें ब्रिक्स समिट का आज दूसरा और आखिरी दिन है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS नेता पहुंचे हैं। आज होने वाले इस ओपन सेशन का थीम रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी: शेपिंग द फ्यूचर फॉर इनक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ रखा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच नवाचार, आर्थिक लचीलेपन और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है।

इससे पहले पीएम मोदी ने ब्रिक्स नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि छोटे उद्यमों को नॉलेज, फाइनेंस और नए मार्केट से जोड़ने के लिए ब्रिक्स एमएसएमई कोऑपरेशन पोर्टल का इनिशिएटिव लिया गया है। वहीं हमारे शहरों के बीच बेस्ट प्रैक्टिस साझा करने के लिए ब्रिक्स अर्बन मोबिलिटी हब की स्थापना की गई है। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय सभ्यता में प्रकृति को मां का दर्जा दिया गया है। सदियों से हमारी मान्यता रही है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विकल्प नहीं, बल्कि पूरक हैं।

'एग्रो इकोलॉजी और रिजेनरेटिव एग्रीकल्चर के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पारंपरिक ज्ञान को मॉडर्न साइंस से जोड़ेंगे'

पीएम मोदी ने कहा, ब्रिक्स में भी हमने मानव विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन पर बल दिया है। यही सस्टेनेबिलिटी का आधार है और यह भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व भी है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट ग्रिड्स और एनर्जी स्टोरेज के लिए ब्रिक्स डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया गया है। यह हमारे क्लीन एनर्जी सिस्टम को अधिक रिलायबल, एफिशिएंट और एक्सेसिबल बनाने में मदद करेगा।

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उन्‍होंने कहा, एग्रो इकोलॉजी और रिजेनरेटिव एग्रीकल्चर के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पारंपरिक ज्ञान को मॉडर्न साइंस से जोड़ेंगे। कम्युनिटी बेस्ड क्लाइमेट एडाप्टेशन के लिए तैयार किए गए सिद्धांत इंडिजिनस नॉलेज को क्लाइमेट एक्शन का महत्वपूर्ण आधार बनाएंगे। पीएम मोदी ने कहा कि इन चारों स्तंभों पर आगे बढ़ते हुए ब्रिक्स के माध्यम से हमने इनक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। हमारा मानना है कि ब्रिक्स में विकसित सॉल्यूशंस का लाभ केवल ब्रिक्स तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

भारत की अध्यक्षता में 4 स्तंभों पर किया पूरा फोकस- PM मोदी

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ब्रिक्स समिट 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में हमने अपने सभी प्रयास चार स्तंभों पर केंद्रित किए हैं। इनमें रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी शामिल हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सभी के सहयोग और समर्थन से हम अपने साझा विजन को विन-विन कोलैबोरेशन में बदलने में कामयाब रहे हैं।

पीएम मोदी बोले- दुनिया में बढ़ते संकटों का आम लोगों पर पड़ रहा बड़ा असर

ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज दुनिया में तनाव लगातार बढ़ रहे हैं, जिसका आम लोगों की जिंदगी पर बड़ा और व्यापक नकारात्मक असर पड़ रहा है। महामारी, जलवायु आपदा और सप्लाई चेन में रुकावटों ने दिखाया है कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं रहता। इसलिए हमने ब्रिक्स के भीतर रेजिलिएंस बढ़ाने पर खास जोर दिया है।

पीएम मोदी ने कहा कि चुनौतियों की समय रहते पहचान करना, उनके लिए तैयार रहना और तुरंत कार्रवाई करना भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के साथ संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम पर सहमति बनी है। इसके अलावा आपदा प्रबंधन के लिए अर्ली वार्निंग डेटा इंटीग्रेशन गाइडलाइंस भी तैयार की गई हैं।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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