विदेश से 3,000 किलोग्राम से ज्यादा चांदी की तस्करी के 33 साल पुराने मामले में नौ लोगों को कारावास

वर्ष 1992 में विदेश से 3,000 किलोग्राम से ज्यादा चांदी की तस्करी करने के मामले में इंदौर की जिला अदालत ने नौ लोगों को दो-दो साल के सश्रम कारावास की सजा सुनायी।

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Nine people imprisoned in 33 year old case
Nine people imprisoned in 33 year old case | Image: PTI

वर्ष 1992 में विदेश से 3,000 किलोग्राम से ज्यादा चांदी की तस्करी करने के मामले में इंदौर की जिला अदालत ने मंगलवार को नौ लोगों को दो-दो साल के सश्रम कारावास की सजा सुनायी और उनपर 5,000-5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। अभियोजन विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट जय कुमार जैन ने इस मामले में नौ लोगों को सीमा शुल्क अधिनियम 1962 के संबद्ध प्रावधानों के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। इनमें ओमप्रकाश नीमा, नितिन कुमार सोनी, अमरीक सिंह, शशिपाल मिश्रा, अमन सोनी, मधुसूदन मिश्रा, सुरेश, दिनेश कतलाना और अमरलाल शामिल हैं।

अदालत ने निर्देश भी दिया कि मुजरिमों के कब्जे से जब्त चांदी की खेप को भारतीय रिजर्व बैंक के जरिये राजसात (सरकारी खजाने में जमा करना) किया जाए।

अधिकारी ने बताया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने इंदौर के सांवेर रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में 27 फरवरी 1992 को 3,041.50 किलोग्राम विदेशी चांदी पकड़ी थी। उन्होंने बताया कि मुजरिमों पर तस्करी के जरिये चांदी की इस खेप को भारत लाने के बाद इसे सुनियोजित तरीके से गलाकर इसका परिवहन करने, इसे अवैध रूप से अपने कब्जे में रखने और सीमा शुल्क की चोरी करने के जुर्म साबित हुए।

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केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क विभाग की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक चंदन ऐरन ने अदालत में इन लोगों के खिलाफ छह गवाह पेश किए।

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Published By:
 Deepak Gupta
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