'लेडी कैप्टन' दोस्ती कर लड़कियों को बनाती थी कंफर्टेबल, फिर शुरू होता हिजाब और नमाज का खेला... निदा खान ही निकली TCS नासिक धर्मांतरण की मास्टरमाइंड
Nashik IT Company Conversion Case mastermind Nida Khan: नासिक में TCS में महिलाओं के साथ कथित तौर पर यौन शोषण और एक जबरन धर्मांतरण का मामला सामने आया है। मामले में अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार कर चुके हैं, जबकि आरोपी नंबर 8 निदा खान अब तक फरार है।
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Nashik IT Company Conversion News: महाराष्ट्र के नासिक की टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (TCS) में यौन शोषण और धर्मांतरण का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। इस मामले का पर्दाफाश होने के बाद 7 आरोपी तो पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की मास्टरमाइंड निदा खान निकली, जो अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। उसका पता लगाने के लिए नासिक पुलिस ने अपनी दो टीमों को भिवंडी और मुंबई भेजा है। साथ ही पुलिस निदा खान के डिजिटल फुटप्रिंट्स और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन की भी जांच कर रही हैं।
नासिक के इस कन्वर्जन रैकेट में अब पुलिस की जांच का सबसे बड़ा केंद्र निदा खान बन चुकी हैं। पुलिस ने 7 आरोपियों को अब तक पकड़ा है, जिसमें 6 पुरुष शामिल हैं। आरोपियों की पहचान पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और महिला प्रबंधक (संचालन) के के तौर पर हुई है।
निदा खान निकली मास्टरमाइंड
हालांकि, नासिक धर्मांतरण मामले की आरोपी नंबर 8 बताई जा रही निदा खान अब तक फरार है। वो मुंबई के भिवंडी की रहने वाली बताई जा रही है। जांच में उसकी भूमिका को लेकर जांच एजेंसियों के पास कई चौंकाने वाले इनपुट सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, निदा खान को इस नेटवर्क की “लेडी कैप्टन” बताया जा रहा है। कथित तौर पर निदा ही कंपनी के अंदर महिला नेटवर्क को संभाल रही थी।
पहले महिलाओं को कंफर्टेबल बनाती, फिर जाल में फंसाती
वो बड़े ही चालाकी से नए लोगों को लोगों को फंसाती थी। निदा का काम महिलाओं को 'कंफर्टेबल' बनाना था। इसके लिए वे पहले उनके साथ दोस्ती करती और भरोसे का माहौल बनाती थी। इसके बाद फिर धीरे-धीरे महिलाओं को नमाज, कलमा और हिजाब की ट्रेनिंग दी जाती थी।
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सूत्रों का कहना है कि पूरी घटना इतनी सोची-समझी और योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई कि पीड़ित महिलाओं को शुरू में किसी साजिश का अंदाजा तक नहीं हुआ। पुलिस सूत्रों के अनुसार, निदा इस मामले में सिर्फ एक आरोपी नहीं थी, बल्कि वह एक संगठित महिला विंग खड़ा करने में अहम भूमिका निभा रही थी। आरोप है कि वह कथित रूप से कन्वर्ट की गई महिलाओं का एक नेटवर्क तैयार कर रही थी, जो आगे इसी प्रक्रिया को फैलाने का काम करता।
अब जांच एंजेसियों ये पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस नेटवर्क के जरिए महिलाओं को मानसिक रूप से प्रभावित कर उन्हें कट्टर विचारधारा की ओर धकेला जा रहा था।
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जानकारी के अनुसार, निदा ने जनवरी 2021 में कंपनी ज्वॉइन की थी। उसने इसी साल जनवरी में कंपनी छोड़ दी थी। उसके बाद से निदा का कोई ठोस पता नहीं चल पाया है। उसका मोबाइल फोन भी लगातार स्विच ऑफ या नॉट रीचेबल आ रहा है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि वह अंडरग्राउंड हो चुकी है।
फिलहाल नासिक पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर दी हैं, जो कई जगहों पर छापेमारी कर निदा की तलाश में जुटी है। उसकी गिरफ्तारी से इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
नासिक TCS मामले का पर्दाफाश कैसे हुआ?
TCS में काम करने वालीं में महिलाओं के साथ यौन शोषण और धर्मांतरण का ये गंदा खेल साल 2022 से चल रहा था। हालांकि अब इसका खुलासा तब हुआ जब एक महिला कर्मचारी ने शिकायत की कि शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया गया है और उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने की कोशिश की।
नासिक पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक गुप्त ऑपरेशन चलाया। लगभग एक महीने तक महिला पुलिसकर्मियों समेत अधिकारियों ने कंपनी में हाउसकीपिंग स्टाफ (सफाई कर्मचारी) बनकर काम किया। उन्होंने वहां के माहौल और कर्मचारियों के बीच होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी, जिससे कई अहम सबूत मिले।
पुलिस ने जब आरोपियों के फोन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की, तो उन्हें अन्य महिला कर्मचारियों के साथ भी इसी तरह के व्यवहार और धार्मिक प्रभाव के संकेत मिले। इसके बाद शिकायतों का सिलसिला शुरू हुआ और 3 अप्रैल तक यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित कुल 9 एफआईआर दर्ज की गईं। मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है।