शादी के 5 महीने बाद नोएडा की महिला की मौत मामले में नया मोड़, पति और सास को मिली अग्रिम जमानत, परिवारवालों ने लगाए गंभीर आरोप

Twisha Sharma Death Case: ट्विशा की समर्थ से मुलाकात 2024 में एक डेटिंग ऐप पर हुई थी। दिसंबर 2025 में दोनों शादी के बंधन में बंधे। शादी के 5 महीने बाद ही ट्विशा की मौत ने सबको हैरान कर दिया है।

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Twisha Sharma Death Case
Twisha Sharma Death Case | Image: Republic

Twisha Sharma Death Case: भोपाल में 31 साल की महिला ट्विशा शर्मा की मौत मामले में नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। कोर्ट ने आरोपी पति समर्थ सिंह और उनकी मां (पूर्व जिला जज) गिरिबाला सिंह को स्थानीय अदालत से अग्रिम जमानत दे दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने सुनवाई के दौरान उनकी जमानत का विरोध नहीं किया।

नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की 5 महीने पहले भोपाल के वकील समर्थ शर्मा में लव मैरिज शादी की थी। वह 12 मई को अपने घर में फांसी पर लटकी हुई पाई गईं। खबरों के मुताबिक, मौत के वक्त ट्विशा प्रेग्नेंट भी थीं। महिला के परिवार ने उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और साजिश के गंभी आरोप लगाए।

ससुराल में किया जा रहा था प्रताड़ित

परिवारवालों का आरोप है कि ट्विशा को शादी के कुछ ही महीनों के अंदर अपने पति और ससुराल वालों द्वारा लगातार मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। परिवार के अनुसार, ट्विशा ने उन्हें ससुराल में हो रही परेशानी और उन पर डाले जा रहे कथित दबाव के बारे में बताया भी था।

पिता के गंभीर आरोप

ट्विशा के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को परिवार द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था और उस पर एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर होने का भी आरोप लगाया गया था। इस वजह से उसे गर्भपात कराने के लिए मजबूर होना पड़ा। ट्विशा के पिता ने रिपब्लिक को कहा, "यह पूरी प्रक्रिया शुरू से ही बेहद संदिग्ध है। ससुराल वाले खुद को शिक्षित बताते हैं, लेकिन ट्विशा की मौत के बाद उनके बर्ताव से ऐसा बिल्कुल नहीं लगता।"

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उन्होंने आरोप लगाया कि अग्रिम जमानत दिए जाने से पहले मामले को बार-बार न्यायाधीशों के बीच ट्रांसफर किया गया। उन्होंने दावा किया, "मामले को एक न्यायाधीश से दूसरे न्यायाधीश को सौंपा गया, उसके बाद अग्रिम जमानत दी गई।"

पिता ने यह भी दावा किया कि प्रक्रिया के दौरान उनके बेटे पर हमला हुआ। कमरा उनके वकीलों से भरा हुआ था। वे बहुत प्रभावशाली लोग हैं। वकीलों ने हमारी कोई मदद नहीं की। उन्होंने आगे दावा किया कि ट्विशा की मौत के बाद परिवार को उसका शव ठीक से देखने की अनुमति नहीं दी गई।

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परिवार ने कानूनी प्रक्रिया के दौरान धमकाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “हमें अपनी मृत बेटी से मिलने नहीं दिया गया।”

मां से आखिरी कॉल पर हुई वो बात…

जानकारी के अनुसार ट्विशा की समर्थ से मुलाकात 2024 में एक डेटिंग ऐप पर हुई थी। दिसंबर 2025 में दोनों शादी के बंधन में बंधे। ट्विशा के परिजनों का दावा है कि 12 मई करीब रात 10 बजे अपनी मां से फोन पर बातचीत की थी और इस दौरान उन्हें अपनी आपबीती बताई। कथित तौर पर महिला ने फोन पर ससुराल में हो रहे उत्पीड़न के बारे में भी बताया, जिससे उसकी मां काफी घबरा गईं।

उन्होंने फौरन अपने पति और बेटे को इसके बारे में बताया। ट्विशा के भाई, जो भारतीय सेना में हैं, उन्होंने तुरंत ससुराल में फोन करना शुरू कर दिया, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाया। किसी तरह ट्विशा के ससुर ने फोन उठाया, तब भाई ने उनसे फौरन ट्विशा को देखने के लिए कहा। इसके 5 मिनट बाद ही ट्विशा के ससुरालवालों से फोन कर बताया कि वो सांस नहीं ले रही है और उसे अस्पताल लेकर जा रहे हैं। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत का संकेत मिला था। हालांकि, पुलिस सूत्रों के हवाले से आई हालिया रिपोर्टों में शव पर कई चोटों का जिक्र है, जिससे मामले को लेकर संदेह और बढ़ गया है। ट्विशा के परिवार ने अब मांग की है कि दिल्ली के एम्स में दूसरा पोस्टमार्टम कराया जाए। उनके पिता ने कहा, "हम चाहते हैं कि दिल्ली के एम्स में एक और पोस्टमार्टम कराया जाए।" परिवार ने पति और सास को दी गई अग्रिम जमानत को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की योजना की बात कही है।

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Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड