Stampede: याद आई 13 नवंबर 2004 की वो घटना, छठ के मौके पर ऐन वक्त बदला प्लेटफॉर्म और भगदड़ में गई 4 जानें... कब-कब हुआ हादसा

यह पहला मौका नहीं जब नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ की घटना में यात्रियों की बड़ी संख्या में मौत हुई हो। साल 2004, 2010 और 2012 में भी भगदड़ की घटना हुई थी।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
New Delhi Railway Station Stampede
New Delhi Railway Station Stampede | Image: PTI/Republic

New Delhi Railway Station Stampede: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार, 15 फरवरी की रात मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हुए और कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। भगदड़ उस समय मची जब महाकुंभ जाने के लिए यात्रियों की भीड़ स्टेशन पर मौजूद थीं। इस बीच दो ट्रेन देरी से चल रही थीं और इन दोनों ट्रेनों के यात्री भी प्लेटफॉर्म नंबर 15 पर ही मौजूद थे। ऐसे में भीड़ बढ़ती गई और इस बीच हालात बेकाबू हो गए। इस भगदड़ की घटना ने नई दिल्ली स्टेशन पर हुए पुराने दर्दनाक हादसों की याद ताजा कर दी।

यह पहला मौका नहीं जब नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ की घटना में यात्रियों की बड़ी संख्या में मौत हुई हो। इस स्टेशन पर साल 2004, 2010 और 2012 में भी भगदड़ की घटना हुई थी, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। अब 15 जनवरी 2025 की हुई भगदड़ की घटना ने उन पुराने दर्द को एक बार फिर ताजा कर दिया है। लोगों के जहन में फिर भयानक दृश्य सामने आ रहे हैं।

छठ पूजा के दौरान साल 2004 में हुआ था हादसा

13 नवबंर 2004 को भी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ऐसी ही भयावह घटना हुई थी। छठ पूजा के दौरान बिहार जाने वाली ट्रेनों में अक्सर ही भीड़ होती है। अचानक से आखिरी समय में बिहार जाने वाली ट्रेन का प्लेटफार्म बदल दिया गया था। अनाउंसमेंट होते ही यात्रियों द्वारा दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए ओवरब्रिज पर भगदड़ मच गई थी। लोग एक दूसरे के ऊपर गिर पड़े। इस भगदड़ में 5 यात्रियों की मौत हुई थी जबकि कई लोग घायल हुए थे।

2010 में प्लेटफॉर्म पर मची थी भगदड़

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मई 2010 में भी कुछ ऐसा ही वाक्या हुआ था। गर्मी का मौसम था, प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भारी भीड़ थी। पटना जाने के लिए यात्री अपनी ट्रेन का इतंजार कर रहे थे। बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को प्लेटफार्म 13 से रवाना होना था मगर रवानगी से कुछ मिनट पहले इसका प्लेटफॉर्म बदल दिया गया। ट्रेन का प्लेटफार्म बदलने की घोषणा होती है अफरातफरी मच गई और भगदड़ की घटना हो गई। हादसे में लोगों की मौत हो गई थी और कम से कम 15 यात्री घायल हुए थे।

Advertisement

2012 में भगदड़ में गई थी दो लोगों की जान

साल 2012 में भी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ की घटना हुई थी। हालांकि, हालात को तुरंत काबू कर लिया गया था। इस हादसे में एक महिला और  एक बच्चे की जान गई थी। बिहार जाने वाली 'विक्रमशिला एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय थोड़ी देर से रवाना हुई थी। मगर प्लेटफार्म 12 की बजाय ये प्लेटफार्म 13 से रवाना हुई थी। इसके तुरंत बाद, यात्रियों की भीड़ प्लेटफार्म 13 पर खड़ी सप्त क्रांति एक्सप्रेस की ओर दौड़ पड़ी, जो आमतौर पर प्लेटफार्म 12 से चलती है। आखिरी समय में प्लेटफॉर्म बदलने से अफरा-तफरी मच गई थी।

यह भी पढ़ें: एक अनाउंसमेंट, फिर प्लेटफॉर्म बदलने के लिए मौत की दौड़... वो 4 वजह, जिससे बिगड़े हालात और बेमौत मर गए 18 लोग

Advertisement
Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड