Nepal Update: काठमांडू में हिंसा के बाद हटाया कर्फ्यू, 100 से ज्यादा गिरफ्तार; इस मांग पर भड़की आग
शहर के कई इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़ हुई। प्रशासन ने काठमांडू में कर्फ्यू लागू कर दिया गया लेकिन बाद में कर्फ्यू हटा दिया गया ।
- भारत
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नेपाल में राजशाही की मांग को लेकर शुक्रवार (28 मार्च) को हिंसक प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू के तिनकुने में एक इमारत में तोड़फोड़ की और उसे आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शन उग्र होता चला गया, हिंसा इतनी बढ़ गई कि प्रदर्शनकारियों ने एक कंपनी के भीतर 25 से 30 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। शहर के कई इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़ हुई। प्रशासन ने काठमांडू में कर्फ्यू लागू कर दिया गया लेकिन बाद में कर्फ्यू हटा दिया गया और वहीं, सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई।
इस आंदोलन में 40 से ज्यादा नेपाली संगठन शामिल हुए। प्रदर्शनकारी राजा आओ देश बचाओ, भ्रष्ट सरकार मुर्दाबाद और हमें राजशाही वापस चाहिए, जैसे नारे लगा रहे थे। उन्होंने सरकार को एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि अगर उनकी मांगों पर बातचीत नहीं की गई तो और भी ज्यादा उग्र विरोध प्रदर्शन होगा।
‘राजा लाओ, देश बचाओ’ आंदोलन
नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र ने 19 फरवरी को प्रजातंत्र दिवस के अवसर पर लोगों से समर्थन मांगा था। इसके बाद से ही देश में ‘राजा लाओ, देश बचाओ’ आंदोलन को लेकर तैयारियां चल रही थीं। दोपहर करीब 3 बजे प्रदर्शनकारी तय क्षेत्र से आगे बढ़ने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान झड़पें शुरू हो गईं, हालात इतने बिगड़ गए कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी संपत्तियों और मीडिया संस्थानों को निशाना बना लिया।
हिंसा में जान-माल का नुकसान
इस हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक पत्रकार भी शामिल था, जिसे जिंदा जला दिया गया। इसके अलावा 2 राजशाही समर्थकों की भी मौत हो गई।घायलों में पुलिसकर्मी- 53, अर्धसैनिक बल (APF) के जवान- 22, प्रदर्शनकारी- 35 शामिल थे।
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संपत्तियों को हुआ नुकसान
14 इमारतों में आगजनी की गई, 9 इमारतों में तोड़फोड़, 9 सरकारी वाहन जलाए गए, 6 निजी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया, कांतिपुर टेलीविजन और अन्नपूर्णा मीडिया हाउस पर हमला समेत कई गाड़ियों में आग लगी थी ऐसी सूचना मिली।
सरकार की सख्त कार्रवाई
हिंसा पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने शुक्रवार शाम 4:25 बजे से कर्फ्यू लगा दिया, जिसे शनिवार सुबह 7 बजे हटा लिया गया। इस दौरान पुलिस ने हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल 105 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए प्रमुख नेताओं में, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (RPP) के महासचिव धवल शमशेर राणा, पार्टी के केंद्रीय सदस्य रवींद्र मिश्रा शामिल है। हालांकि, इस प्रदर्शन के मुख्य आयोजक दुर्गा प्रसाई अभी भी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।