NEET UG 2026: नीट पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट, नासिक नहीं पुणे से लीक हुआ पेपर? आरोपियों से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में NTA चीफ ने व्हिसलब्लोअर अलर्ट की पुष्टि की। जांच में पुणे को लीक का मुख्य स्रोत माना जा रहा है, नासिक नहीं। CBI ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Follow : Google News Icon  
NEET UG 2026 A major update on the NEET paper leak case. Was the paper leaked from Pune, not Nashik
नीट पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट | Image: Republic

NEET-UG 2026 Leak: NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक के मामले की जांच तेज हो गई है। परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की चल रही जांच में बड़ा अपडेट सामने आया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने का प्रयास किया गया था और खुलासा किया है कि परीक्षा विवाद के देशव्यापी स्तर पर फैलने से कुछ दिन पहले ही एक मुखबिर ने अधिकारियों को सतर्क कर दिया था।

शुरुआती जांच में नासिक के बजाय पुणे को पेपर लीक का संभावित मूल केंद्र माना जा रहा है। NTA चीफ के अनुसार, 7 मई की रात को एक व्हिसलब्लोअर ने एजेंसी को सूचना दी कि ऑनलाइन एक PDF फाइल घूम रही है जिसमें NEET-UG के कई सवाल असली पेपर से मिलते-जुलते हैं। अधिकारियों ने इसकी आंतरिक जांच शुरू की और परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।

NTA ने कहा कि ऐसे गेस पेपर पहले से ही सर्कुलेट हो रहे थे, जिससे संगठित लीक नेटवर्क की आशंका मजबूत हुई। 3 मई को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद CBI ने औपचारिक रूप से FIR दर्ज कर ली है। जांच एजेंसी अब पूरी चेन को खंगाल रही है, पेपर प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्टेशन से लेकर डिजिटल सर्कुलेशन तक। CBI की टीम NTA अधिकारियों से पूछताछ करेगी और संबंधित दस्तावेज जब्त करेगी।

नासिक नहीं, पुणे पेपर लीक का केंद्र

जांच में महत्वपूर्ण मोड़ आया है। पहले नासिक का नाम सामने आया था, लेकिन अब पता चला है कि लीक का असली स्रोत पुणे हो सकता है। नासिक में गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे सामग्री पुणे से मिली थी। पुणे में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। इससे महाराष्ट्र में बड़े नेटवर्क की जांच हो रही है।

Advertisement

'प्राइवेट माफिया' और डिजिटल नेटवर्क पर शिकंजा

जांचकर्ताओं के मुताबिक, व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए पेपर सर्कुलेट किए गए। राजस्थान पुलिस की SOG के अनुसार, "प्राइवेट माफिया" नाम का एक व्हाट्सएप ग्रुप मुख्य हब था। बताया जाता है कि इस समूह में लगभग 400 सदस्य थे और इसे विशेष रूप से परीक्षा सामग्री अपलोड करने के लिए बनाया गया था। इस ग्रुप में पेपर अपलोड किए जाते थे और सदस्यों को बाहर शेयर न करने की हिदायत दी गई थी। कोचिंग सेंटर्स से जुड़े कई टेलीग्राम चैनल्स भी इसमें शामिल पाए गए।

5 राज्यों में 9 गिरफ्तारियां, 45 हिरासत में

इस मामले में अब तक पांच राज्यों में 9 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और लगभग 45 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मुख्य आरोपियों में से एक शुभम खैरनार को राजस्थान पुलिस से मिली सूचना के आधार पर चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान नासिक में गिरफ्तार किया गया।  

Advertisement

जयपुर से मनीष यादव को मास्टरमाइंड माना जा रहा है, उसे कस्टडी में लिया गया। NTA ने परीक्षा रद्द करने का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने और छात्रों को निष्पक्ष मौका देने के लिए जरूरी था। CBI जांच पूरी होने के बाद दोबारा परीक्षा कराई जाएगी।

ये भी पढ़ें: PM मोदी की अपील पर एक्शन में यूपी सरकार, CM योगी की अहम बैठक के बाद जारी हो सकता है वर्क फ्रॉम होम; ऑनलाइन क्लासेस को लेकर गाइडलाइन

Published By :
Sagar Singh
पब्लिश्ड