NEET पेपर लीक केस में पहले दिन ही टली सुनवाई, राउज एवेन्यू फास्ट ट्रैक कोर्ट में नहीं पहुंचे CBI के वकील
नीट पेपर लीक मामले की विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में सीबीआई वकील के न पहुंचने से पहली सुनवाई टल गई है। जज अनु ग्रोवर बलीगा को आरोपी दिनेश और विकास बिवाल की जमानत पर सुनवाई करनी थी।
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NEET Paper Leak: नीट-यूजी पेपर लीक मामले के निपटारे के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के पहले ही दिन सुनवाई नहीं हो सकी। सोमवार (27 जुलाई) को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की ओर से अदालत में कोई भी सरकारी वकील पेश नहीं हुआ, जिसके चलते मामले की सुनवाई अगले सोमवार (3 अगस्त) तक के लिए टल गई है।
राउज एवेन्यू कोर्ट में इस विशेष फास्ट ट्रैक अदालत की जज अनु ग्रोवर बलीगा को मामले में गिरफ्तार आरोपी दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करनी थी। सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील एपी सिंह कोर्ट में उपस्थित थे, लेकिन CBI की ओर से कोर्ट में कोई वकील मौजूद नहीं था।
कोर्ट ने दिए ये निर्देश
इस पर अदालत ने डायरेक्टरेट ऑफ प्रोसिक्यूशन को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक सीबीआई का पक्ष रखने के लिए सरकारी वकील की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। कोर्ट ने साफ कहा है कि अगली सुनवाई के दौरान नियुक्त किया गया सरकारी वकील मौजूद होना चाहिए।
बता दें कि दिनेश और विकास उन 13 मुख्य आरोपियों में शामिल हैं, जिन्हें सीबीआई ने इस मामले में गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन दोनों पर प्रश्नपत्र लीक होने के बाद उसे अभ्यर्थियों तक पहुंचाने के आरोप हैं।
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सख्त कानून के तहत बनी विशेष अदालत
गौरतलब है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बीच देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को आरोपियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का ऐलान किया था। पोस्ट में उन्होंने कहा था, "देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।" पीएम ने कहा था कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
इसके बाद सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत विशेष अदालत का गठन किया और जस्टिस अनु ग्रोवर बलीगा को इसकी कमान सौंपी। अब नीट पेपर लीक से जुड़ी सभी याचिकाओं और मामलों की सुनवाई इसी नामित फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाएगी।