'राज्यों को मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने का अधिकार दिया जाए', जम्मू-कश्मीर की शिक्षा मंत्री की मांग, NEET पेपर लीक विवाद पर क्या बोलीं?
NEET UG 2026: जम्मू-कश्मीर की शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने नीट पेपर लीक विवाद पर कहा कि कोई ऐसा तरीका निकाला जाना चाहिए जिससे इस समस्या का हमेशा के लिए समाधान हो जाए। हमें इस तरह की चीजें न देखनी पड़ें।
- भारत
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NEET UG 2026 Paper Leak: नीट यूज 2026 का पेपर लीक होने का मामला पूरे देश में तूल पकड़े हुए है। एक तरफ इसकी जांच जारी है और इसमें शामिल लोगों पर शिकंजा कसा जा रहा है। दूसरी ओर, इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी खूब हो रही है। पेपर लीक होने को लेकर तमाम विपक्षी पार्टियां सरकार पर हमलावर हैं और सवाल उठाती नजर आ रही हैं। इस बीच नीट परीक्षा को लेकर अलग-अलग मांगे भी उठाई जा रही हैं। ऐसी ही एक मांग जम्मू-कश्मीर की शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने की है। उन्होंने कहा कि राज्यों को मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने का अधिकार दिया जाए।
'सालों की कड़ी मेहनत के बाद छात्रों ने परीक्षा दी'
उन्होंने कहा कि यह बेहतर होगा, क्योंकि अगर 30 लाख छात्रों ने कड़ी मेहनत की है और उन्हें उम्मीद थी कि अब हमने NEET क्वालिफाई कर लिया है, अब हम प्रोफेशनल कॉलेजों में जाएंगे, लेकिन उसके बाद उन्हें अचानक पता चलता है कि परीक्षा रद्द हो गई है। तो आप कल्पना कर सकते हैं कि यह कितनी बड़ी मुसीबत है, उन बच्चों को कितना डिप्रेशन होगा, उनके माता-पिता को कितना डिप्रेशन होगा, जिन्होंने सालों तक कड़ी मेहनत की है और यह परीक्षा दी है।
सकीना ने कहा कि हम हर 2 साल, 5 साल, 6 साल, यह देखते हैं कि NEET परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है। इसलिए मुझे लगता है कि कोई ऐसा तरीका निकाला जाना चाहिए जिससे इस समस्या का हमेशा के लिए समाधान हो जाए। हमें इस तरह की चीजें न देखनी पड़ें, छात्रों को तकलीफ न उठानी पड़े और उनकी कड़ी मेहनत बर्बाद न हो।
‘राज्यों और UTs को दिया जाए अधिकार’
उन्होंने कहा कि जो बच्चे पढ़ाई नहीं करते और 20 लाख देकर अपना करियर खरीद लेते हैं। गरीब बच्चे जो इतनी कड़ी मेहनत करते हैं और उसके बाद परीक्षा रद्द हो जाती है, वे डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं। उनके लिए, अगली बार NEET की तैयारी करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए मेरी राय में, यह बेहतर होगा कि या सभी UTs (केंद्र शासित प्रदेशों) या राज्यों को अपने स्तर पर NEET परीक्षा आयोजित करने का अधिकार दिया जाए, जिससे वे पेपर लीक की समस्या से बचने और उसे रोकने के लिए सभी जरूरी सावधानियां बरत सकें।
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जम्मू-कश्मीर की शिक्षा मंत्री ने यह भी मांग उठाई कि जब भी पेपर लीक हो, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्हें सबसे कड़ी सजा दी जानी चाहिए, चाहे यह मामला माननीय सुप्रीम कोर्ट के दायरे में आता हो या सरकारों के। अगर एक बार सजा तय हो जाए और वह ऐसी हो कि ये चीजें दोबारा न हों, तो हमारे बच्चों को तकलीफ नहीं उठानी पड़ेगी।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे बहुत से बच्चे हैं जो बहुत पढ़ाई करते हैं और उनके माता-पिता भी उनका साथ देते हैं... रात-रात भर जागते हैं, अपनी नींद का त्याग करते हैं, लेकिन जब यह बात सामने आती है, तो यह बहुत दुख की बात होती है।
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PM मोदी की अपील पर क्या कहा?
सकीना इत्तू ने ईंधन की खपत कम करने की PM मोदी की अपील पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर देश में कोई मुसीबत आती है, कोई कठिनाई आती है, कोई समस्या आती है, तो उसके लिए हम सभी को अपनी भूमिका निभानी पड़ती है। जिस भी तरीके से हम निभा सकते हैं। हमारे पास अगर सिर्फ दो या तीन कारें हैं। अगर हम उनमें से एक भी कम कर पाएं, तो यह भी एक बड़ी बात होगी। अगर हम इसमें अपनी भूमिका निभा सकते हैं, तो यह जरूरी है और इसे किया जाना चाहिए।