अपडेटेड 11 February 2026 at 11:31 IST
'ये महज हादसा नहीं, इसमें साजिश की बू...', कौन हैं रोहित पवार, जिन्होंने अजित पवार के निधन पर उठाए गंभीर सवाल?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) के विधायक रोहित पवार ने बारातमी विमान हादसे में साजिश का संदेह जताया है, जिसमें उनके चाचा और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हो गई थी।
- भारत
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Sharad Pawar: महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में डिप्टी सीएम रहे अजित पवार का निधन हो गया था। अब इस हादसे के लगभग दो हफ्ते बाद शरद पवार गुट के विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने कई सवाल उठाए। उनके बयान से सियासी हलकों में हड़कंप मच गया है।
आज रोहित पवार दिल्ली पहुंचेंगे और दोपहर 12 बजे प्रेस क्लब में विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। उनका कहना है कि उन्होंने अपने काका को खोया है, ऐसे में उनके मन में कई सवाल हैं। जब तक उनके संदेह का समाधान नहीं हो जाता, तब तक ये मुद्दा उठाया जाता रहेगा।
रोहित पवार ने प्लेन क्रैश पर जताया शक
रोहित पवार ने मंगलवार (10 फरवरी) को बारामती विमान हादसे को लेकर एक पूरी प्रेजेंटेशन दिखाई। इस दौरान उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त लियरजेट विमान की मालिकाना कंपनी VSR पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या यह मैकेनिकल फेलियर था? टेकऑफ से पहले जांच किसने की? टेकलॉग, एयरवर्थी रिपोर्ट कहां है? क्या रूटीन मेंटेनेंस नहीं हुआ था? हैंगर सीसीटीवी फुटेज कहां है? हेवी मेंटेनेंस कब हुआ और वह रिपोर्ट कहां है? उन्होंने दावा किया कि DGCA पर दबाव हो सकता है, ऐसे में जांच पारदर्शिता से नहीं हो रही है।
'किसी इंसान को मारना हो, तो उसके ड्राइवर को…'
उन्होंने कहा कि अजित पवार का प्लेन क्रैश साजिश का हिस्सा हो सकता है। हमने अजित पवार के एक्सीडेंट के बारे में कुछ चीजों की जांच भी की।' उन्होंने एक किताब का हवाला देते हुए कहा, जो इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद पर आधारित है- 'एक किताब में लिखा है कि अगर आप किसी इंसान को मारना चाहते हैं, तो सबसे आसान तरीका है कि उस इंसान के ड्राइवर को मार दिया जाए। एक्सीडेंट से एक दिन पहले, दादा को शाम को कार से मुंबई से पुणे आना था। उस समय, काफिला भी निकल चुका था। लेकिन दादा कार से क्यों नहीं गए? अजीत दादा को एक बड़े नेता से मिलना था।'
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ARROW कंपनी की भूमिका पर भी उठाए सवाल
उन्होंने यह भी कहा कि आखिर वक्त पर विमान से जाने का फैसला क्यों हुआ? देर रात फ्लाइट की बुकिंग क्यों की गई? यही नहीं, उन्होंने ARROW कंपनी की भूमिका को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि बुकिंग और हैंडलिंग की जांच होनी चाहिए।
रोहित पवार ने विमान की कमान संभाल रहे कैप्टन सुमित कपूर के पिछले रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हमें नहीं लगता कि यह महज एक दुर्घटना थी। इसमें साजिश की बू आ रही है। रोहित पवार ने दुर्घटना से पहले के घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि क्या अंतिम क्षणों से पहले विमान का ट्रांसपोंडर जानबूझकर बंद कर दिया गया था?
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शरद पवार के साजिश की आशंका से इनकार पर क्या बोले?
वहीं दूसरी ओर एनसीपी (शरद गुट) प्रमुख शरद पवार ने इसे दुर्घटना बताया था। उन्होंने किसी भी तरह की साजिश की आशंका से इनकार कर दिया था। शरद पवार के इस बयान पर रोहित ने कहा कि उस वक्त पूरी जानकारी नहीं थी।
पूरे मामले की जांच कर रहा AAIB
इस पूरे मामले की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है। क्रैश के दिन ही विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया था। इस हादसे की जांच महाराष्ट्र की सीआईडी भी कर रही है।
जांच होनी चाहिए- रामदास अठावले
वहीं रोहित पवार के दावे और उठाए गए सवालों पर केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के अध्यक्ष रामदास अठावले ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। अगर कंपनी पर बैन था तो वे कैसे आया। हवाई अड्डे पर उड़ने का परमिशन कैसे मिला? इसकी जांच होनी चाहिए और जो भी जिम्मेदार अधिकारी हैं उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन मेरा स्पष्ट मत यह है कि कैप्टन ने वहां लैंडिग करने का प्रयास किया जिसमें ये हादसा हुआ है। ये हादसा है।
कौन हैं रोहित पवार?
महाराष्ट्र की राजनीति में दशकों से पवार परिवार का दबदबा रहा है। अजित पवार एनसीपी प्रमुख शरद पवार के भाई अनंतराव पवार के बेटे थे। ऐसे में शरद पवार अजित के चाचा लगते थे। रोहित पवार की बात करें तो वो राजेंद्र पवार के बेटे हैं और राजेंद्र पवार, शरद पवार के भाई अप्पासाहेब पवार के बेटे हैं। यानी रोहित पवार, शरद पवार के भतीजे के बेटे हुए।
ऐसे में अजित पवार रिश्ते में रोहित पवार के चाचा लगते थे। एनसीपी में दो फाड़ होने के बाद रोहित पवार ने शरद पवार के खेमे में जाने का चुनाव किया था। रोहित शरद पवार और सुप्रिया सुले (शरद पवार की बेटी) के बेहद करीबी माने जाते हैं। इसके अलावा रोहित पवार कारजात-जमखेड़ से विधायक हैं। पहली बार वो 2019 में विधायक बने थे।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 11 February 2026 at 11:21 IST