तेल संकट के बीच भारत के हाथ लगा जैकपॉट, अंडमान के पास मिला प्राकृतिक गैस का विशाल भंडार; मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दी गुड न्यूज

Natural Gas: भारत के हाथ बड़ी कामयाबी लगी। अंडमान में प्राकृतिक गैस का विशाल भंडार मिला है। ऑयल इंडिया को विजयपुरम-3 खोजी कुएं में गैस की मौजूदगी मिली।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
natural gas discovery in andaman
अंडमान में मिला प्राकृतिक गैस का भंडार | Image: X, ANI

Natural Gas Discovery in Andaman: अमेरिका और ईरान में जारी जंग और तेल को लेकर दुनियाभर में मचे हाहाकार के बीच भारत के हाथ बड़ा जैकपॉट लगा है। सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड ने अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस के बड़े भंडार की खोज कर ली है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जानकारी देते हुए इसे देश के लिए ऊर्जा क्षेत्र की नई उम्मीद बताया।

हरदीप सिंह पुरी ने जताई खुशी

मंत्री ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, "अंडमान सागर में ऊर्जा के अवसरों का एक नया भंडार मिला है। यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि 'श्री विजयपुरम-3' में प्राकृतिक गैस मिली है। यह एक खोजपूर्ण कुआं (exploratory well) है जिसे Oil India Ltd. ने अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से 15 किमी दूर, 355 मीटर की पानी की गहराई में खोदा है।"

उन्होंने बताया कि 1900 मीटर से अधिक की गहराई पर 'इओसीन फॉर्मेशन' (Eocene formation) में कुएं के शुरुआती प्रोडक्शन टेस्ट के दौरान लगातार फ्लेयरिंग (गैस जलाकर जांच) से प्राकृतिक गैस की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। ऑयल इंडिया गैस के कंपोजिशन (बनावट) और कैलोरीफिक वैल्यू (ऊर्जा क्षमता) का पता लगाने के लिए गैस की सैंपलिंग कर रही है। साथ ही गैस की उत्पत्ति को समझने के लिए आइसोटोप स्टडी भी कर रही है।

क्या हुई ये खोज?

खोज श्री विजयपुरम-3 नामक कुएं में हुई है, जो अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां समुद्र की गहराई 355 मीटर है। कंपनी ने 1,900 मीटर से अधिक गहराई तक खुदाई की, जहां प्रारंभिक परीक्षण में भारी दबाव के साथ गैस निकली। गैस फ्लेयरिंग के दौरान दिखी लपटें इस खोज की पुष्टि करती हैं।

Advertisement

यह इस क्षेत्र में पहली कामयाबी नहीं है। इससे पहले सितंबर 2025 में 'विजयपुरम-2' कुएं से भी गैस मिली थी। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी के 'समुद्र मंथन मिशन' के तहत मिली है, जिसका उद्देश्य गहरे समुद्री क्षेत्रों में छिपे हाइड्रोकार्बन भंडारों को खोजना है। इसकी घोषणा 15 अगस्त 2025 को की गई थी।

क्या होगा फायदा? 

अब तक भारत अपनी LNG और कच्चे तेल की जरूरतें कतर, कुवैत जैसे खाड़ी देशों से पूरी करता था। यह सप्लाई 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के संवेदनशील रास्ते से होकर आती थी, जहां भू-राजनीतिक तनाव बना रहता है। अंडमान में गैस मिलने से इस निर्भरता में बड़ी कमी आ सकती है।

Advertisement

घरेलू स्तर पर CNG और LPG का उत्पादन बढ़ेगा, जिससे आम लोगों को सस्ती रसोई गैस और वाहनों के लिए सस्ता ईंधन मिल सकेगा। वैज्ञानिक फिलहाल गैस के नमूनों का परीक्षण कर रहे हैं जिससे जल्द से जल्द व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया जा सके। यह खोज भारत को ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में मजबूत कदम साबित हो सकती है।

यह भी पढ़ें: 'खोखली बयानबाजी से जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी', UN में कश्मीर राग अलाप पाकिस्तान ने फिर कराई इंटरनेशनल बेइज्जती, भारत ने बता दी औकात

Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड