National Herald Case: 50 लाख से 2 हजार करोड़ की कंपनी कैसे बनी नेशनल हेराल्ड? CM हिमंता ने सोनिया-राहुल से पूछा सवाल
हिमंत बिस्वा सरमा ने ED की चार्जशीट को लेकर कहा कि नेशनल हेराल्ड कंपनी के पास 50 लाख की पूंजी थी, जब कंपनी को गांधी परिवार ने धोखे से अपने अधीन कर लिया।
- भारत
- 3 min read

National Herald case: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर ED की चार्जशीट को लेकर कहा कि नेशनल हेराल्ड कंपनी के पास 50 लाख की पूंजी थी, जब कंपनी को गांधी परिवार ने धोखे से अपने अधीन कर लिया तो अचानक इसकी नेटवर्थ बढ़कर 2 हजार करोड़ हो गई। यह सेक्शन 9 की कंपनी है जहां लाभ प्रतिबंधित है, लेकिन वे लाभ कमा रहे थे। राहुल गांधी अक्सर अंबानी और अडानी पर आरोप लगाते हैं कि आपने इतना पैसा कैसे बनाया।
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मेरा सवाल है कि एक राजनेता होने के नाते, एक राजनीतिक परिवार से होने के नाते, आपने 50 लाख को 2000 करोड़ में बदलने के लिए जो व्यवसायिक चालें चली हैं, वो आपने कहां से अर्जित की हैं। आज कांग्रेस के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें एहसास नहीं है कि उनके नेता ने पैसे लिए हैं। उनके नेता भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हुए हैं, अब मां और बेटे दोनों को कोर्ट में पेश होना चाहिए, उन्हें ईडी की चार्जशीट का जवाब देना चाहिए, और खुद को निर्दोष साबित करना चाहिए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया है। देशभर में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं, जिसमें कांग्रेस के कई प्रमुख नेता सबसे आगे दिखे। दिल्ली में कांग्रेस के कुछ नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया, क्योंकि उन्होंने कांग्रेस कार्यालय के पास सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की थी। इमरान प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि ईडी की कार्रवाई इसलिए की जा रही है क्योंकि BJP को बिहार और असम में होने वाले चुनावों में हार का आभास हो गया है। इमरान ने कहा कि जिस एजेंसी के माध्यम से लड़ाई को कोर्ट में ले जाया गया है, उसकी मंशा सिर्फ विपक्ष को परेशान करने की है।
Advertisement
क्या है नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस?
यह मामला कांग्रेस नेताओं, विशेष रूप से सोनिया गांधी और राहुल गांधी, पर लगे उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें कहा गया है कि उन्होंने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की संपत्तियों के स्वामित्व और नियंत्रण को लेकर धोखाधड़ी की। AJL वही कंपनी है जो नेशनल हेराल्ड अखबार का प्रकाशन करती है।
Advertisement
जांच के तहत सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों से ईडी पूछताछ कर चुकी है। राहुल गांधी से आखिरी बार जून 2022 में पूछताछ हुई थी, जबकि सोनिया गांधी से यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (YIL) के संचालन में उनकी भूमिका को लेकर सवाल किए गए थे। YIL, गांधी परिवार के स्वामित्व वाली कंपनी है, जिसने AJL में हिस्सेदारी हासिल की थी।
यह जांच 2014 में शुरू हुई थी, जब भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि गांधी परिवार और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने AJL की करीब 2,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां महज 50 लाख रुपये में हासिल की थीं।