राष्ट्रीय स्वास्थ्य परिषद की बैठक में हिमाचल प्रदेश के मंत्री रहे अनुपस्थित, भाजपा ने साधा निशाना
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद की 16वीं बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
- भारत
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केंद्र सरकार द्वारा नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद (Central Council of Health & Family Welfare) की 16वीं बैठक का आयोजन किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री की अनुपस्थिति और स्वास्थ्य सचिव का बैठक बीच में छोड़कर चले जाने का मामला विवाद में आ गया है।
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद के साथ-साथ केंद्र राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सतत विकास लक्ष्य (SDGs), खाद्य एवं औषधि सुधार तथा संबद्ध स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में जेपी नड्डा ने क्या कहा?
बैठक को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, 'स्वास्थ्य, 'विकसित भारत 2047' की आधारशिला है। भारत की स्वास्थ्य सफलता की कहानी में राज्य बराबर के भागीदार हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 ने समग्र स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक बड़ा बदलाव लाया।' बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए अहम नीतिगत ढांचे और प्रमुख कार्यक्रमों का अनावरण भी किया।
हिमाचल के स्वास्थ्य मंत्री बैठक से गैरहाजिर
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और प्रतापराव जाधव भी उपस्थित रहे। मगर,हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री इस अहम बैठक में शामिल नहीं हुए और ना ही उन्होंने अपनी अनुपस्थिति का कोई कारण बताया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बैठक में राज्य के स्वास्थ्य सचिव शामिल हुए थे, मगर बैठक खत्म होने से पहले ही वो अचानक चले गए।
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पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने उठाए सवाल
हिमाचल सरकार के मंत्री के इस रवैये पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा वरिष्ठ नेता डॉ. राजीव सैजल ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा,'यह परिषद देश में स्वास्थ्य नीति निर्धारण को सर्वोच्य मंच है, जहां सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भाग लेते हैं। यहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीतियों, केंद्र प्रायोजित योजनाओं, स्वास्थ्य नीतियों, केंद्र प्रायोजित योजनाओं तथा राज्यों को मिलने वाली वित्तीय सहायता पर महत्वपूर्ण चर्चा होती है।” ऐसे महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य मंत्री का अनुपस्थित रहना और स्वास्थ्य सचिव का बैठक बीच में छोड़कर चले जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना रवैया है।'