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Updated June 9th, 2024 at 23:32 IST

नरेंद्र मोदी ने ली तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ, करीब नौ हजार अतिथि बने गवाह

नरेन्द्र मोदी ने रविवार शाम को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित भव्य समारोह में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इस मौके पर राजनीति के अनुभवी और नये नेता, कारोबारी, फिल्मी सितारे सहित देशभर से आए करीब नौ हजार लोग मौजूद रहे।

Modi's Pick For 3rd Swearing-In Ceremony As PM
Modi's Pick For 3rd Swearing-In Ceremony As PM | Image:X
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Narendra Modi PM Oath: नरेन्द्र मोदी ने रविवार शाम को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित भव्य समारोह में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इस मौके पर राजनीति के अनुभवी और नये नेता, कारोबारी, फिल्मी सितारे सहित देशभर से आए करीब नौ हजार लोग मौजूद रहे।

दिन में चिलचिलाती धूप थी और जैसे-जैसे दिन ढलता गया, वैसे-वैसे मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन के भव्य बलुआ पत्थर के गुंबद की पृष्ठभूमि में शुरू हुआ, जो केसरिया, सफेद और हरे रंग से जगमगा रहा था। यह करीब ढ़ाई महीने की चुनाव प्रक्रिया का अंतिम अध्याय था, जिसमें मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा 240 सीटों के साथ सत्ता में आई। हालांकि, 2019 के मुकाबले इस बार भाजपा को 60 से अधिक सीट कम मिली है और उसे अब बहुमत के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगियों के समर्थन की जरूरत होगी।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंत्रियों को शपथ दिलाई और समरोह बिगुल, समारोह वाली वर्दी में मौजूद गार्ड, फूल और भव्य साज-सज्जा के बीच शुरू हुआ लेकिन इन सबपर राजनीति हावी रही। समारोह से पहले संभावित मंत्रियों की सूची का विश्लेषण किया गया और इस पर अंतहीन अटकलें लगती रही कि किन सहयोगियों को मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी। राजग के सहयोगी दलों - विशेष रूप से तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा)और जनता दल यूनाइटेड के कुल 28 लोकसभा सदस्य हैं और इनके समर्थन पर राजग सरकार टीकी है। इन्हीं दो दलों को लेकर कयासों का दौर सबसे अधिक गर्म रहा कि इनके कितने सदस्यों को जगह मिलेगी, किस नेता को दोबारा मंत्री बनाया जाएगा, किन नए लोगों को जगह मिलेगी।

सहयोगी दलों में जनता दल सेक्युलर नेता एच डी कुमारस्वामी, हिन्दुस्तान अवामी मोर्चा (सेक्युलर) प्रमुख जीतन राम मांझी, जदयू नेता ललन सिंह और तेदेपा के के. राम मोहन नायडू ने मंत्री पद की शपथ ली। वरिष्ठ नेताओं राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण और एस. जयशंकर ने शपथ ली। वहीं, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जैसे नए चेहरे भी मंत्री पद की शपथ ली।

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इस भव्य समारोह के लिए अतिथियों की सूची भी बारीकी से तैयार की गई थी। इस समारोह में विपक्ष के बहुत ज्यादा नेता नहीं थे। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे तो मौजूद थे, लेकिन कई अन्य विपक्षी नेता समारोह में शामिल नहीं हुए।

इस समारोह में भारत के पड़ोसी देशों और हिंद महासागर क्षेत्र के सात शीर्ष नेता भी शामिल हुए जिनमें मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु, नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’, श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ, भूटान के शेरिंग तोबगे और सेशेल्स के उपराष्ट्रपति अहमद अफिफ प्रमुख हैं।

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मोदी ने 2014 में जब पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी तब दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के नेता शामिल हुए थे। दूसरी बार 2019 में उन्होंने जब इस पद की शपथ ली तब बिम्स्टेक (बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) देशों के नेता शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे।

मोदी के तीसरे शपथ ग्रहण समारोह में कई धार्मिक नेता भी मौजूद रहे। समारोह में फिल्मी सितारों का भी जमावड़ा देखा गया और बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान, अनिल कपूर, दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत, अक्षय कुमार, रवीना टंडन और अनुपम खेर भी शपथ ग्रहण के गवाह बने। हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा के टिकट पर पहली सांसद चुनी गईं कंगना रनौत भी राष्ट्रपति के प्रांगण में मौजूद थीं।

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कौन किसके साथ आया, कौन किसके साथ बैठा था और किसने क्या पहना था। इन सभी विवरणों को देश भर में लोगों ने टेलीविजन के माध्यम से देखा। उद्योगपति गौतम अडाणी, उनकी पत्नी और भाई, मुकेश अंबानी और उनके बेटे और बेटी सहित उनका परिवार, मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ भी वहां मौजूद थे। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रतिभा पाटिल भी इस कार्यक्रम में शामिल हुईं।

सत्ता के केंद्र के विपरीत छोर पर हाशिये पर रहने वाले ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग और साथ ही सफाई कर्मचारी और सेंट्रल विस्टा परियोजना मे काम करने वाले निर्माण मजदूर भी भव्य समारोह के गवाह बने। प्रधानमंत्री के रायसीना हिल पर आते ही ‘मोदी, मोदी’ के नारे लगने लगे। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर का नाम शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची में नहीं था। इसके कारण उनके लिए आगे क्या होगा और क्यों, इस पर काफी चर्चा होती रही। उन्होंने कहा कि 'मन की बात' में भाग लेने वाले लोगों और विकसित भारत अभियान तथा नमो ऐप से जुड़े लोगों को भी समारोह में आमंत्रित किया गया है।

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शेहला रशीद जैसी शख्सियतें भी वहां मौजूद थीं, जो कभी छात्र नेता के तौर पर सरकार की कटु आलोचक रहीं हैं और अब इसकी मुखर समर्थक हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘देश की प्रगति के लिए प्रार्थना के साथ शामिल होने पर गर्व है... #मोदी3.0।’’ मोदी ने पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की उपलब्धि की बराबरी कर ली है, जिन्होंने 1952, 1957 और 1962 के आम चुनावों में लगातार तीन बार जीत हासिल की थी। प्रधानमंत्री मोदी के अलावा, 30 कैबिनेट मंत्रियों और पांच स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों तथा उनके मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने शपथ ली। 

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(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)

Published June 9th, 2024 at 23:32 IST

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