Suvendu Adhikari: नंदीग्राम या फिर भवानीपुर... कौन सी सीट छोड़ेंगे सुवेंदु अधिकारी? लिया ये फैसला
Suvendu Adhikari news: सुवेंदु अधिकारी ने दो सीटों नंदीग्राम और भवानीपुर से चुनाव जीता था। नियमों के मुताबिक कोई प्रत्याशी दो सीटों पर जीत दर्ज करता हैं तो उसे एक सीट छोड़नी पड़ती है।
- भारत
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West Bengal News: पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में सीएम सुवेंदु अधिकारी ने इस बार सीट से चुनाव लड़ा था। उन्होंने दोनों ही सीट नंदीग्राम और भवानीपुर से जीत हासिल की। नियमों के अनुसार कोई प्रत्याशी दो सीटों पर जीत दर्ज करता हैं तो उसे एक सीट छोड़नी पड़ती है। ऐसे में सुवेंदु ने चुन लिया है कि वे किस सीट से विधायक बने रहेंगे?
भवानीपुर से ममता बनर्जी को हराया था
सुवेंदु ने नंदीग्राम सीट को छोड़ने का फैसला लिया है। वे भवानीपुर सीट से विधायक बने रहेंगे। इस सीट से उन्होंने इस बार TMC सुप्रीमो और तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया है। ऐसे में उन्होंने इस बार इस सीट से विधायक बने रहने का निर्णय लिया।
नंदीग्राम से लगातार दूसरी बार जीते थे सुवेंदु
सुवेंदु के नंदीग्राम सीट छोड़ने के बाद अब वहां उपचुनाव होगा। नंदीग्राम में अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के पबित्रा कर को 9 हजार से अधिक वोटों से हराया था। यह लगातार दूसरी बार था, जब सुवेंदु नंदीग्राम से जीते।
कभी ममता के करीबियों में शामिल रहे अधिकारी ने 2020 में TMC छोड़ BJP का दामन थाम लिया था। इसके बाद 2021 चुनाव में उन्होंने ममता बनर्जी को नंदीग्राम से चुनौती दी थी। इस सीट पर जीतने में सुवेंदु कामयाब भी रहे। नंदीग्राम से हारने के बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर का रूख किया और वहां से चुनाव जीतकर सत्ता की बागडोर संभाले रखी। इस बार ममता भवानीपुर से मैदान में उतरीं, जहां से भी सुवेंदु ने उन्हें हरा दिया।
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हुमायूं ने भी दो सीटों से जीता था चुनाव
सुवेंदु अधिकारी की तरह आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर भी इस बार एक साथ दो सीटों नाओदा और रेजिनगर से चुनाव जीते हैं। दोनों ही सीटें मुर्शिदाबाद जिले के अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र में आती हैं। नियमों के अनुसार उन्हें भी एक सीट छोड़नी चाहिए। हुमायूं ने रेजीनगर सीट छोड़ने का मन बनाया है। वे उपचुनाव में इस सीट से अपने बेटे गुलाम नबी आजाद (रोबिन) को मैदान में उतारेंगे।
इस बार के विधानसभा चुनाव में BJP ने 207 सीटों पर जीत हासिल कर पहली बार सरकार बनाई। वहीं, TMC केवल 80 सीटों पर सिमटकर रह गई। 9 मई को सुवेंदु अधिकारी ने सीएम पद की शपथ ली थी।