अजमल कसाब, डेविड हेडली को ट्रेंड करने वाले लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ मुरीदके को किया ध्वस्त- DGMO राजीव घई
भारतीय सेना ने रविवार को "ऑपरेशन सिंदूर" को लेकर एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें थल, जल और वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से देश को इस सशक्त सैन्य कार्रवाई की जानकारी दी।
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भारतीय सेना ने रविवार को "ऑपरेशन सिंदूर" को लेकर एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें थल, जल और वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से देश को इस सशक्त सैन्य कार्रवाई की जानकारी दी। सेना के संचालन महानिदेशक (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि यह ऑपरेशन अत्यंत सूक्ष्म योजना और खुफिया सूचनाओं के आधार पर अंजाम दिया गया।
लेफ्टिनेंट जनरल घई ने बताया कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मौजूद नौ आतंकी शिविरों की पहचान की गई थी। इनमें से कई शिविर लश्कर-ए-तैयबा के गढ़ मुरीदके जैसे इलाकों में स्थित थे, जो अजमल कसाब और डेविड हेडली जैसे आतंकियों की पनाहगाह रह चुके हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया- DGMO
उन्होंने जानकारी दी कि इन ठिकानों पर किए गए लक्षित हमलों में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें यूसुफ अज़हर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदासिर अहमद जैसे उच्च-मूल्य लक्ष्य शामिल थे। ये सभी आईसी-814 विमान अपहरण और पुलवामा आतंकी हमले जैसे बड़े हमलों में शामिल थे।
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पाकिस्तान ने नागरिक क्षेत्रों, गांवों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया- DGMO
इस सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया, जिसमें कुछ नागरिक क्षेत्रों, गांवों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया गया। लेफ्टिनेंट जनरल घई ने इसे पाकिस्तान की "घबराई हुई और अनिश्चित" प्रतिक्रिया बताया।
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भारतीय वायु सेना ने कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए- DGMO
ऑपरेशन में भारतीय वायु सेना ने सक्रिय भूमिका निभाई और कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। वहीं, नौसेना ने इस कार्रवाई में आधुनिक हथियार प्रणाली और लॉजिस्टिक्स मुहैया कराई। वायुसेना के पास हमले के दौरान ‘स्काई-बॉर्न वेपन्स’ की व्यवस्था थी, जिससे यह ऑपरेशन और भी प्रभावी बन सका।