मुंबई में बकरीद से पहले कुर्बानी का मुद्दा गरमाया, जानिए क्या है पूरा विवाद, BMC ने इजाजत दी या नहीं?

मुंबई के घाटकोपर इलाके की मैत्री सोसायटी में बकरीद से पहले विवाद खड़ा हो गया है। सोसायटी के हिंदू पक्ष ने स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचकर सोसायटी के अंदर बकरीद के दिन कुर्बानी पर आपत्ति जताई है और सुरक्षा की मांग की है। इधर जब BMC ने बकरा काटने की इजाजत नहीं दी है तो मुस्लिम पक्ष इस पर नाराजगी जता रहा है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Mumbai Bakrid Qurbani Dispute
मुंबई में बकरीद से पहले कुर्बानी का मुद्दा गरमाया | Image: ANI

Mumbai News: बकरीद से पहले देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बवाल मचा है। हिंदू पक्ष बकरीद पर बकरा काटने के विरोध को लेकर पुलिस के पास पहुंच गए हैं और इधर बीएमसी (बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कारपोरेशन) ने भी एक सोसाइटी के अंदर बकरा काटने की अनुमति नहीं दी है। इससे मुंबई के अंदर बकरीद से पहले बड़ा विवाद खड़ा हुआ है।

असल में मुंबई के घाटकोपर इलाके की मैत्री सोसायटी में बकरीद से पहले ये विवाद है। सोसाइटी के हिंदू परिवारों ने स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचकर सोसाइटी के अंदर बकरीद के दिन कुर्बानी पर आपत्ति जताई है। हिंदू पक्ष ने आरोप लगाया कि हर साल बकरीद पर सोसायटी में गंदगी, बदबू और तनाव का माहौल बनता है।

क्या है पूरा विवाद?

बताया जाता है कि मुंबई के घाटकोपर इलाके की मैत्री सोसाइटी इस सोसाइटी में करीब 170 परिवार रहते हैं, जिनमें से करीब 40 परिवार मुस्लिम धर्म के हैं, बाकि 100 परिवारों में हिंदू, जैन, और कुछ ईसाई परिवार हैं। वैसे तो ये सोसाइटी साल 1982 में बनी थी, लेकिन तब यहां महज 12 परिवार ही मुस्लिम धर्म के थे। धीर धीरे वक्त के साथ ये संख्या अब 40 के करीब पहुंच गई है। पिछले साल भी बकरीद के दिन बकरे का कुर्बानी हुई थी, उस समय सोसाइटी के लोगों ने विरोध किया था। पिछले साल सोसाइटी के लोगों ने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन तब कोर्ट ने अपना जो आदेश दिया था, उसमें सोसाइटी में बकरे काटने की परमिशन नहीं दी गई थी। फिर भी सोसाइटी में बकरों को पुलिस सुरक्षा में काटा गया था। हिंदू पक्ष का आरोप है कि इस मैदान में बनाया जाने वाला कत्लखाना गैरकानूनी है और इस बार यहां कत्ल खाने नहीं बनाने देंगे।

हम इस साल सोसाइटी में बकरे कटने नहीं देंगे- हिंदू पक्ष

हिंदू पक्ष कहना है बकरीद के दिन पूरे सोसाइटी में गंदगी करते हैं। बकरीद के 2 दिन पहले और 2 दिन बाद बकरे सोसाइटी में लाते हैं। पूरा माहौल खराब करते हैं। सोसाइटी में कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। हिंदू पक्ष का कहना है कि हम इस साल सोसाइटी में बकरे कटने नहीं देंगे। उन्होंने आरोप लगाए कि हिंदू लोगों को परेशान किया जाता है। हिंदुओं की मारने की धमकी दी जाती है।

Advertisement

BMC ने परमिशन नहीं दी तो मुस्लिम पक्ष नाराज हुआ

इधर, BMC ने मुंबई के घाटकोपर के मैत्री सोसायटी में बकरीद के दिन बकरे की कुर्बानी का परमिशन नहीं दी है। इससे मुस्लिम पक्ष नाराज हो गया है और ऊपरी लेवल तक अपील करने की बात कह रहा है। मैत्री सोसायटी के सदस्य के इश्तियाक शेख का कहना है कि BMC से हमने परमिशन मांगी थी, लेकिन बीएमसी ने आज हमें परमिशन देने से मना कर दिया। हम अपर लेवल पर जाएंगे, वहां पर एप्लीकेशन करेंगे।  इश्तियाक शेख का कहना है कि सोसायटी के जो हिंदू सदस्य जो कह रहे हैं कि बकरीद के दौरान बकरियों की वजह से दिक्कत होती है, हम कहना चाहते हैं कि लोग तो घरों में कुत्ते बिल्लियां पहले है, उनसे भी दिक्कत होती है। हम कानूनी रूप से जो होगा वो करेंगे, जो आरोप लगाए जा रहे हैं वो गलत हैं।

यह भी पढ़ें: कौन है शर्मिष्ठा पनोली, जिसे गुरुग्राम से पकड़कर ले गई कोलकाता पुलिस?

Advertisement
Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड