तालाब बनाने में सांसद निधि का ‘दुरुपयोग’ : केरल उच्च न्यायालय ने के वी थॉमस से मांगा जवाब

याचिकाकर्ता बाबू सुरेश ने आरोप लगाया है कि 2015 में सांसद निधि से अझाकियाकावु तालाब के निर्माण के लिए प्रशासनिक मंजूरी देने का आदेश जारी किया गया था।

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Kerala HC | Image: X

केरल उच्च न्यायालय ने दिल्ली में राज्य सरकार के विशेष प्रतिनिधि के वी थॉमस से उस याचिका पर जवाब मांगा है जिसमें आरोप लगाया गया है कि जब थॉमस ने सांसद रहने के दौरान पल्लुरुथी के अझाकियाकावु भगवती मंदिर परिसर में तालाब निर्माण के लिए सांसद निधि का ‘दुरुपयोग’ किया था।

न्यायमूर्ति सी एस डायस ने याचिका स्वीकार कर ली और थॉमस को नोटिस जारी कर उनसे अगली सुनवाई की तारीख नौ जून तक जवाब तलब किया।

याचिका में दावा किया गया है कि सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (सांसद निधि) के तहत प्राप्त धनराशि का इस्तेमाल मंदिर से संबंधित कार्यों के लिए नहीं किया जा सकता।

याचिकाकर्ता बाबू सुरेश ने आरोप लगाया है कि 2015 में सांसद निधि से अझाकियाकावु तालाब के निर्माण के लिए प्रशासनिक मंजूरी देने का आदेश जारी किया गया था। सुरेश का घर इस तालाब के नजदीक है।

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याचिका के अनुसार थॉमस ने सांसद निधि योजना के तहत 30 लाख रुपये की लागत से तालाब के निर्माण का प्रस्ताव रखा था।

याचिका में दावा किया गया है, ‘‘ लेकिन गलत सर्वेक्षण विवरण के आधार पर प्रशासनिक मंजूरी दी गई थी, क्योंकि निर्दिष्ट सर्वेक्षण संख्या में किसी तालाब का उल्लेख नहीं था। इसके अलावा, सूचना के अधिकार अधिनियम के माध्यम से प्राप्त जानकारी से पता चला कि आर्द्रभूमि योजना के तहत ऐसा कोई काम नहीं किया गया था, जो प्रस्ताव में किये गये दावे के विपरीत है।’’

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Published By:
 Deepak Gupta
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