ट्रेन में आग की अफवाह सुन पटरी पर कूदे यात्री, दूसरी ट्रेन की चपेट में आने से चार की मौत, कम से कम 29 घायल
Morena Train Accident: मध्य प्रदेश के मुरैना में हेतमपुर स्टेशन के पास रविवार को उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह के चलते घबराए यात्री पटरी पर कूद गए। इसी दौरान वे सामने से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ गए, जिससे तीन महिलाओं और एक बच्चे सहित 4 लोगों की मौत हो गई।
- भारत
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Morena Train Accident: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक बेहद दर्दनाक और दुखद खबर सामने आई है, जहां रविवार शाम को हेतमपुर स्टेशन के पास एक बड़ा रेल हादसा हो गया। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 19665) में अचानक आग लगने की अफवाह फैलने के बाद ट्रेन के भीतर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।
इस झूठी अफवाह से घबराए यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए चलती ट्रेन से नीचे छलांग लगा दी और पास के रेलवे ट्रैक पर आ गए। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20424) की चपेट में कई यात्री आ गए, जिससे चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई और 29 से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
चेन पुलिंग के बाद मची भगदड़
रेलवे अधिकारियों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 4:15 बजे झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड के बीच उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के जनरल कोच (इंजन से दूसरे डिब्बे) में किसी यात्री ने अलार्म चेन पुलिंग (ACP) कर दी, जिससे ट्रेन वहीं रुक गई। इसी बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने डिब्बे में आग लगने की अफवाह उड़ा दी।
डर के मारे यात्री कोच से उतरकर और कुछ चलती गाड़ी से ही कूदकर बगल वाली रेल लाइन पर भागने लगे। उसी समय धौलपुर की ओर से मुरैना की तरफ आ रही पातालकोट एक्सप्रेस मुख्य ट्रैक से तेज रफ्तार में गुजर रही थी, जिसके कारण पटरी पर मौजूद लोग उसकी चपेट में आ गए।
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तीन महिलाएं और एक मासूम बच्चे की गई जान
इस भीषण हादसे में जिन चार लोगों की जान गई है, उनमें तीन महिलाएं और एक 4 साल का मासूम बच्चा शामिल है। स्थानीय प्रशासन और रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक मृतकों की पहचान आफरीन (35 वर्ष), अशद (4 वर्ष), शकुंतला (60 वर्ष) और वीरमा देवी (58 वर्ष) के रूप में हुई है।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में हड़कंप का माहौल बन गया। शुरुआती तौर पर स्थानीय पुलिस और राहत दल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की।
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राहत और बचाव कार्य जारी
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। राहत और बचाव दल ने सभी घायल 29 से अधिक यात्रियों को मलबे और ट्रैक से हटाकर तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया है।
रेलवे प्रशासन ने इस पूरी घटना की परिस्थितियों और कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना अनुमति के चलती या रुकी हुई ट्रेन से पटरी पर न उतरें।