अपडेटेड 18 February 2026 at 21:58 IST
Mohammed Shami की पत्नी हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई याचिका, केस दिल्ली ट्रांसफर करने और गुजारा भत्ता 10 लाख करने की मांग
Mohammed Shami: मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि उनके केस कोलकाता से दिल्ली ट्रांसफर किए जाए। उन्होंने 10 लाख रु. मासिक गुजारा भत्ते की भी मांग की है, जिस पर अदालत ने शमी से जवाब मांगा है।
- भारत
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Mohammed Shami: भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच चल रहा कानूनी विवाद ने एक अलग ही मोड़ ले लिया है। हसीन जहां ने हाल ही में शीर्ष अदालत में एक 'तबादला अर्जी' (Transfer Petition) दाखिल की है। हसीन जहां ने हाल ही में शीर्ष अदालत में एक 'तबादला अर्जी' (Transfer Petition) दाखिल की है।
इस याचिका में उन्होंने मांग की है कि उनके द्वारा दायर घरेलू हिंसा और गुजारा भत्ते (Maintenance) से संबंधित सभी मामलों की सुनवाई कोलकाता की अदालतों के बजाय दिल्ली की किसी अदालत में स्थानांतरित की जाए।
क्यों की दिल्ली में सुनवाई की मांग?
बता दें, हसीन जहां ने अपनी याचिका में कहा है कि वह अपनी बेटी की पूरी ग्रोथ और डेवलपमेंट के लिए एक प्रीमियम स्कूल में दिल्ली शिफ्ट हुई हैं, इसलिए वह पश्चिम बंगाल में होने वाले मामलों में शामिल नहीं हो पाएंगी।
इसके अलावा याचिका में कहा गया है कि वह अपनी बेटी की रोजाना की देखभाल, परवरिश और भलाई के लिए खुद ही जिम्मेदार हैं। ऐसे में याचिकाकर्ता को पश्चिम बंगाल (दिल्ली से 1500 km दूर) में केस लड़ने के लिए मजबूर करना याचिकाकर्ता और नाबालिग बेटी के लिए अच्छा नहीं है।
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‘शमी के पास काफी रिसोर्स और तरीके’
उन्होंने यह भी कहा कि शमी कई देशों में ट्रैवल करते हैं और इसलिए उनके पास दिल्ली में केस लड़ने के लिए काफी रिसोर्स और तरीके हैं। साथ हीं उनका परिवार उत्तर प्रदेश में रहता है, जो कोलकाता के मुकाबले दिल्ली के ज्यादा पास है। हसीन जहां की याचिकाएं जस्टिस मनोज मिश्रा और मनमोहन की बेंच के सामने लिस्ट की गई हैं।
गुजारा भत्ता 4 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करें
इस विवाद का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू आर्थिक भरण-पोषण से जुड़ा है। पिछले साल कलकत्ता हाईकोर्ट ने मोहम्मद शमी को आदेश दिया था कि वे अपनी पत्नी और बेटी के अंतरिम गुजारा भत्ते के रूप में हर महीने 4 लाख रुपये का भुगतान करें। इसमें पत्नी को 1,50,000 रुपये और बेटी को 2,50,000 रुपये दिए जाएं।
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हालांकि, हसीन जहां इस राशि से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रति माह करने की मांग की है। इसमें 7 लाख रुपये अपने लिए और 3 लाख रुपये अपनी बेटी के लिए है। इस पर संज्ञान लेते हुए जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने क्रिकेटर मोहम्मद शमी और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा है।
साल 2018 से जारी है कानूनी खींचतान
मोहम्मद शमी और हसीन जहां की शादी अप्रैल 2014 में हुई थी, जिसके एक साल बाद उनकी बेटी का जन्म हुआ। साल 2018 में यह रिश्ता उस समय विवादों में आ गया जब हसीन जहां ने शमी और उनके परिवार पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कोलकाता के जादवपुर थाने में FIR दर्ज कराई थी, जिसमें IPC की धारा 498A (क्रूरता), 307 (हत्या का प्रयास) और 376 (दुष्कर्म) जैसी संगीन धाराएं शामिल थीं। इसके बाद से ही दोनों के बीच अदालती लड़ाई जारी है।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 18 February 2026 at 21:58 IST