'राजनीति की पिच' पर एंट्री करेंगे क्रिकेटर मोहम्मद शमी? जयंत चौधरी से मुलाकात के बाद हलचल तेज; अमरोहा सीट से यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से फिलहाल दूर चल रहे स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की रविवार को राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी से हुई मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में अचानक हलचल तेज कर दी है।
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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से फिलहाल दूर चल रहे स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की रविवार को राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी से हुई मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में अचानक हलचल तेज कर दी है। जयंत चौधरी ने खुद अपने सोशल मीडिया हैंडल से इस मुलाकात की तस्वीर साझा की, जिसके बाद अमरोहा में शमी या उनके परिवार की सियासी पारी को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
हालांकि, शमी या रालोद की ओर से चुनाव लड़ने अथवा पार्टी में शामिल होने को लेकर अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। आरएलडी अध्यक्ष जयंत चौधरी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से मोहम्मद शमी की मुलाकात की तस्वीर को शेयर किया। इसके बाद ही सियासी कयास लगाए जाने लगे हैं, लेकिन सवाल यही है कि क्या सपा के लिए मजबूत मानी जाने वाली अमरोहा सीट को शमी आरएलडी के लिए सियासी उपजाऊ बना पाएंगे?
सीएम योगी से भी शमी कर चुके हैं मुलाकात
क्रिकेट के मैदान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले शमी अमरोहा के हीं रहने वाले हैं। अब जयंत चौधरी के साथ उनकी मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अमरोहा सदर सीट से शमी के चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। रालोद ने अभी अमरोहा से कोई प्रत्याशी भी घोषित नहीं किया है। इसलिए फिलहाल इसे राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है. इससे पहले मोहम्मद शमी की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी हो चुकी है।
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बता दें कि अमरोहा सदर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के महबूब अली का लंबे समय से प्रभाव रहा है। 2022 विधानसभा चुनाव में महबूब अली ने सपा के टिकट पर 1,28,735 वोट हासिल किए थे और भाजपा के राम सिंह को 71,036 मतों के अंतर से हराया था। उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार यह उनकी लगातार 5वीं विधानसभा जीत रही। ऐसे में अगर किसी गठबंधन या राजनीतिक दल की ओर से मोहम्मद शमी को अमरोहा से चुनाव मैदान में उतारने का फैसला होता है, तो अमरोहा की सियासत में नया चेहरा सामने।
बड़े भाई की भी चर्चा
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जयंत चौधरी और मोहम्मद शमी की मुलाकात के बाद उनके बड़े भाई हसीब को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं चल हैं। अमरोहा के राजनीतिक मैदान में इस प्रकार के कयासबाजी का दौर शुरू हो गया है। शमी के राजनीतिक पिच पर न उतरने की स्थिति में उनके परिवार के सदस्य के राजनीति में आने की चर्चा है। हसीब को लेकर पहले भी अमरोहा से चुनावी मैदान में उतरने की चर्चा हुई थी। हालांकि, इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई हुई है।
अमरोहा विधानसभा सीट मुस्लिम बहुल माना जा है। यहां करीब 3.25 लाख वोटरों में से करीब दो लाख मुस्लिम वोटर हैं। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा तुर्क बिरादरी का है। इन वोटरों की संख्या करीब 70 हजार है। शमी का परिवार भी इसी में आता है। यहां पांच चुनावों से समाजवादी पार्टी के महबूब अली लगातार जीत दर्ज करते रहे हैं। वे सपा सरकार में मंत्री भी रहे थे।
डेढ़ साल से इंटरनेशनल क्रिकेट से बाहर हैं शमी
मोहम्मद शमी करीब डेढ़ साल से इंटरनेशनल क्रिकेट से बाहर हैं। हाल के वेस्टइंडीज दौरे को लेकर घोषित टीम में उनके नाम की चर्चा तक नहीं हुई. मोहम्मद शमी ने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 9 मार्च 2025 को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। इसके बाद से वे भारतीय टीम से बाहर हैं. शमी की भारतीय टीम में वापसी को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिल रहे हैं।