मोदी सरकार ने बिहार के लिए खोला खजाना, 3590 करोड़ की लागत से मुजफ्फरपुर-सीतमढ़ी-सोनबरसा खंड को 4 लेन बनाने की मंजूरी

Modi Cabinet: मोदी कैबिनेट से बिहार को बड़ा तोहफा मिला है। बुधवार को कैबिनेट ने बिहार में NH-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन को 4-लेन स्टैंडर्ड में अपग्रेड करने को मंजूरी दे दी है। बिहार के विकास में इससे और रफ्तार मिलेगी।

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Modi Cabinet approves Muzaffarpur-Sitamarhi-Sonbarsa Section of NH-22 to 4-lane standard Bihar
केंद्र ने खोला खजाना: बिहार में 4-लेन हाईवे के लिए ₹3,590 करोड़ मंजूर | Image: ANI

Modi Cabinet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी ने बुधवार (19 अगस्त) को बिहार बड़ा तोहफा दिया है। कैबिनेट ने बिहार में NH-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन को फोर-लेन स्टैंडर्ड में अपग्रेड करने को मंजूरी दे दी है।

आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी (CCEA) ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) पर 3590.73 करोड़ रुपये की कुल लागत से विकसित किया जाएगा और इसकी कुल लंबाई 82.578 किलोमीटर होगी।

मोदी सरकार ने बिहार के लिए खोला खजाना

यह प्रस्तावित प्रोजेक्ट रणनीतिक और आर्थिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बिहार के बढ़ते नेशनल हाईवे नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। यह सोनबरसा में भारत-नेपाल सीमा को NH-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) पर मुजफ्फरपुर जैसे आर्थिक केंद्रों से जोड़ने वाले एक अहम फीडर कॉरिडोर के तौर पर काम करता है।  प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) पर 3590.73 करोड़ रुपये की कुल लागत से विकसित किया जाएगा।

बयान के अनुसार, इस प्रोजेक्ट से मुजफ्फरपुर, मकसूदपुर, रुन्नी सैदपुर, थुम्मा, डुमरा, भुताही और सोनबरसा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में ट्रैफिक जाम काफी कम हो जाएगा।

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रणनीतिक और आर्थिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण

NH-22 का मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा हिस्सा रणनीतिक और आर्थिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है, जो नेशनल फ्रेट ग्रिड से निर्बाध जुड़ाव सुनिश्चित करता है। यह NH-31 और NH-122 जैसे मौजूदा कॉरिडोर के साथ मिलकर काम करता है और बरौनी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों और गंगा के किनारे स्थित नदी-आधारित लॉजिस्टिक्स हब तक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाता है। यह भीठामोरे में पास के लैंड पोर्ट के जरिए सीमा-पार यात्री और कार्गो की आवाजाही को भी बढ़ाता है।

प्रोजेक्ट में 7 पुल, 3 रेलवे ओवर ब्रिज और 2 फ्लाईओवर

इस प्रोजेक्ट में सात बड़े पुल (जिसमें बारहमासी बागमती नदी पर 340 मीटर लंबा एक बड़ा पुल शामिल है), तीन रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) और दो फ्लाईओवर (1170 मीटर और 270 मीटर) बनाने का प्रावधान है, ताकि ट्रैफिक की आवाजाही बनी रहे और सुरक्षित, तेज गति वाली यात्रा सुनिश्चित हो सके। 

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PM गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान का हिस्सा

PM गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के सिद्धांतों के अनुसार योजनाबद्ध यह प्रोजेक्ट, औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख रेलवे स्टेशनों सहित महत्वपूर्ण आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों तक कनेक्टिविटी में सुधार करके मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन को बढ़ाएगा।

इसे 100 किमी/घंटा की रफ़्तार और 80 किमी/घंटा की औसत रफ़्तार के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें बीच में कोई कट या ओपनिंग नहीं होगी, जिससे तेज़ और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित होगी।

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Published By:
 Sahitya Maurya
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