अपडेटेड 23 March 2026 at 18:16 IST

LPG Crisis: एलपीजी को लेकर मोदी सरकार का राहत देने वाला फैसला, सिलेंडर देने में इन्हें मिलेगी प्राथमिकता

LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के चलते खड़े हुए एलपीजी संकट के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इसके मुताबिक, मजदूरों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर को उपलब्ध करवाने को प्राथमिकता दी जाएगी।

Follow : Google News Icon  
LPG Crisis
LPG Crisis | Image: Republic

LPG Crisis: भारत में जारी LPG संकट के बीच केंद्र सरकार ने आम जनता और विशेषकर कामकाजी वर्ग को राहत देने के लिए कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के कारण उपजे इस संकट को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने नई गाइडलाइन्स जारी की हैं।

राज्यों को 20% अतिरिक्त गैस सप्लाई

इसके मुताबिक, 23 मार्च 2026 से केंद्र सरकार ने राज्यों को भेजी जाने वाली LPG सप्लाई में 20% की बढ़ोतरी करने का निर्देश दिया है। इस फैसले के बाद राज्यों को मिलने वाली कुल सप्लाई अब प्री-क्राइसिस स्तर के 50% तक पहुंच जाएगी। पेट्रोलियम सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इसे तत्काल लागू करने को कहा है।

Uploaded image

प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो सिलेंडर

सरकार ने सबसे बड़ा फैसला उन प्रवासी मजदूरों के लिए लिया है जो गैस संकट के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे थे। इसके तहत अब प्रवासी मजदूरों को 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराए जाएंगे। 

फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को बड़ी राहत

इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट और डेयरी क्षेत्र में आई रुकावट को दूर करने के लिए सरकार ने प्राथमिकता सूची (Priority List) तैयार की है। इसमें सामुदायिक रसोई, ढाबे, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन और डेयरी इकाइयों को गैस आवंटन में ऊपर रखा गया है। वहीं, राज्य सरकार द्वारा संचालित रियायती कैंटीन और आउटलेट्स को भी इसमें शामिल किया गया है ताकि आम लोगों के भोजन की व्यवस्था प्रभावित न हो।

Advertisement

पैनिक बुकिंग में कमी 

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार (23 मार्च) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले तीन हफ्तों में करीब 35 लाख घरेलू और कमर्शियल एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं या एक्टिव किए गए हैं। साथ ही राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि अतिरिक्त गैस की सप्लाई की सख्त निगरानी की जाए ताकि इसकी जमाखोरी या ब्लैक मार्केटिंग न हो सके।

क्यों हो रहा गैस संकट?

दरअसल, भारत अपनी जरूरत की 60% से अधिक एलपीजी आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के रास्ते आता है। 28 फरवरी 2026 को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद इस समुद्री रास्ते में तनाव बढ़ गया। हालांकि अब यह तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Advertisement

वहीं, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है। सप्लाई चेन प्रभावित होने से देश में गैस की कमी देखी गई थी, जिसे अब सरकार वैकल्पिक व्यवस्थाओं और आंतरिक प्रबंधन से सुधारने की कोशिश कर रही है।

ये भी पढ़ें:  BIG BREAKING: युद्ध को लेकर सबसे बड़ी खबर, ईरान पर अमेरिका 5 दिनों तक नहीं करेगा हमला- ट्रंप का बड़ा ऐलान
 

Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 23 March 2026 at 18:16 IST