बच्चों की सेफ्टी के लिए Meta का एक्शन, रात 12 से सुबह 6 बजे तक Facebook और Instagram ऐप एक्सेस रहेगा बंद
Facebook और Instagram 18 साल से कम उम्र के यूज़र्स के लिए कई बड़े और अहम बदलाव करने जा रहे हैं। इन नए फीचर्स का मुख्य उद्देश्य बच्चों को स्क्रीन एडिक्शन से बचाना और उनके मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल करना है।
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मेटा (Meta) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग के खिलाफ कैलिफोर्निया की अदालत में दायर याचिका के तहत गंभीर आरोप लगाए गए थे। आरोप था कि फेसबुक और इंस्टाग्राम के डिजाइन को जानबूझकर इस तरह तैयार किया गया है, जिससे छोटे बच्चों को इनकी आदत पड़ जाए। हालांकि, अदालत का फैसला आने से पहले ही जुकरबर्ग ने लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये का समझौता कर लिया है। इस समझौते के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की सुरक्षा और स्क्रीन टाइम को सीमित करने के लिए कई बड़े बदलाव लागू किए जा रहे हैं।
स्क्रीन टाइम पर 2 घंटे की पाबंदी
18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए फेसबुक और इंस्टाग्राम के इस्तेमाल पर दैनिक आधार पर सख्त 2 घंटे की समय सीमा तय करने की योजना है। इस सीमा के पूरा होने के बाद ऐप का एक्सेस सीमित हो जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के अत्यधिक स्क्रीन टाइम को घटाना और उन्हें बाहरी गतिविधियों व मैदानी खेलों की ओर प्रोत्साहित करना है।
कंटेंट और एल्गोरिदम में सुधार
प्लेटफॉर्म्स पर ब्यूटी फिल्टर्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जा सकता है, जिससे बच्चों में अपनी शारीरिक बनावट को लेकर पैदा होने वाली हीनभावना और मानसिक तनाव को नियंत्रित किया जा सके। इसके साथ ही, यूजर्स को ऐप एल्गोरिदम से चलने वाले ऑटोमैटिक फीड को बंद करने का विकल्प मिलेगा। बच्चे और उनके अभिभावक चाहें तो पोस्ट पर मिलने वाले लाइक्स और रिएक्शंस की संख्या को भी छिपा सकेंगे, जिससे सोशल मीडिया पर तुलनात्मक दबाव कम होगा।
रात के समय ऐप एक्सेस ब्लॉक
बच्चों की नींद की गुणवत्ता सुधारने और देर रात तक फोन चलाने की लत को रोकने के लिए ऐप्स में ऑटो-ब्लॉक फीचर जोड़ा जा सकता है। इसके तहत रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ऐप का उपयोग पूरी तरह से बंद रहेगा। वहीं, रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक ऐप के सभी नोटिफिकेशन्स अपने आप साइलेंट मोड में चले जाएंगे।
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पढ़ाई पर फोकस
स्कूल के समय बच्चों का ध्यान पढ़ाई में बना रहे, इसके लिए एक नया 'स्कूल मोड' पेश किया जा सकता है। सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक इस फीचर के एक्टिव रहने के दौरान सोशल मीडिया से जुड़ा कोई भी नोटिफिकेशन फोन की स्क्रीन पर नहीं चमकेगा। इससे बच्चे आपात स्थिति में घर पर संपर्क तो कर सकेंगे, लेकिन क्लास के दौरान ध्यान नहीं भटकेगा।
दिमागी सुकून के लिए नियमित ब्रेक
लगातार 15 मिनट तक ऐप का उपयोग करने पर यूजर को स्क्रीन पर ब्रेक लेने का रिमाइंडर दिखाई देगा। यह रिमाइंडर बच्चों को ऐप बंद करने या थोड़ी देर आराम करने के लिए प्रेरित करेगा। इन सभी बदलावों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल से बचाना और डिजिटल दुनिया के कारण उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को कम करना है।