'लड़कियों की देर से शादी रेप का कारण', मौलाना रशीदी के बयान पर मचा बवाल तो आई सफाई, कहा- इस्लाम भी यही सलाह देता है कि लड़की बालिग हो तो...
मौलाना साजिद रशीदी ने अपने 'लड़कियों की देर से शादी रेप का कारण बनती है' वाले बयान पर सफाई दी है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि मैंने ऐसा क्या गलत कह दिया जिससे इतना बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
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Maulana Sajid Rashidi: ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने अपने 'लड़कियों की देर से शादी रेप का कारण बनती है' वाले बयान पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मेरा बस यही कहना है कि किसी भी धर्म में अगर अच्छी बात है तो उसे अपनाने में क्या बुराई है? इस्लाम खुद कहता है कि लड़की के बालिग होने पर उसकी शादी कर देनी चाहिए।
मौलाना साजिद रशीदी ने कहा, 'मैंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि मौजूदा हालात ऐसे हैं जहां ऐसे कानून लाए जा सकते हैं जिनसे एक महिला दूसरी महिला से या एक पुरुष दूसरे पुरुष से शादी कर सके, और जहां एक शादीशुदा महिला बिना किसी कानूनी कार्रवाई के किसी दूसरे पुरुष के साथ रह सके। ऐसे कानूनों वाले देश में अगर कोई रेप या किसी बुरी घटना के डर से लड़की की जल्दी शादी करने का सुझाव देता है, तो यह पक्का एक राजनीतिक मुद्दा बन जाएगा। लोग इसका गलत मतलब निकालेंगे और ये लोग कौन हैं?'
'लड़की के बालिग होने पर उसकी शादी...'
उन्होंने आगे कहा, 'मेरा बस यही कहना है कि किसी भी धर्म में अगर अच्छी बात है तो उसे अपनाने में क्या बुराई है? मेरे बयान को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है और कौन दे रहा है? वही लोग जो कानून बनाते हैं, लेकिन उनमें कानून तोड़ने की क्षमता भी है और वे ऐसा करते भी हैं। ये लोग सामाजिक सुधार नहीं देखना चाहते। मैंने सामाजिक सुधार के हित में बात की। इस्लाम खुद कहता है कि लड़की के बालिग होने पर उसकी शादी कर देनी चाहिए।'
'मैंने नाबालिग में शादी की वकालत कभी नहीं की'
रशीदी ने उदाहरण देते हुए कहा, 'मैं 6 या 7 राज्यों के नाम ले सकता हूं जैसे झारखंड, असम, बिहार, त्रिपुरा, मध्य प्रदेश और राजस्थान जहां आज भी बाल विवाह होता है। माता-पिता अक्सर कम उम्र में ही बिना पढ़ी-लिखी बेटियों की शादी कर देते हैं। समाज में यह सब हो रहा है... इस्लाम भी यही सलाह देता है कि लड़की के बालिग होने पर उसकी शादी कर देनी चाहिए... मैंने ऐसा क्या गलत कह दिया जिससे इतना बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। यह दावा किया जा रहा है कि रशीदी साहब ने अठारह साल से कम उम्र की लड़कियों की शादी की वकालत की? मैंने ऐसा कभी नहीं कहा।'
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मौलाना रशीदी के किस बयान पर मचा बवाल ?
मौलाना साजिद रशीदी के उस बयान पर बवाल मचा हुआ है जिसमें उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का एक फैसला कि 18 साल से कम उम्र की लड़की की शादी POCSO एक्ट में आए। यह बड़ी अजीब सी बात है। उन्होंने दावा किया कि 15 साल तक की लड़कियां रिश्तों में हैं और घर से बाहर रातें बिता रही हैं, जबकि कानून उनके खिलाफ कार्रवाई की इजाजत नहीं देता क्योंकि वे नाबालिग हैं।
मौजूदा कानूनी ढांचे को कमजोर कानूनी व्यवस्था बताते हुए उन्होंने तर्क दिया कि यौन अपराधों पर रोक लगाने के लिए शरिया पर आधारित सख्त कानून लाए जाने चाहिए।
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संविधान के खिलाफ कुछ नहीं कहा- रशीदी
रशीदी ने यह आरोप लगाकर भी विवाद खड़ा कर दिया कि जो लोग संसद में बैठकर कानून बनाते हैं, वे खुद रेप करते हैं। हालिया रेप मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने आगे दावा किया कि कुछ घटनाओं में हिंदुत्व से जुड़े लोगों पर आरोप लगे थे और टिप्पणी की कि उनमें एक भी अब्दुल शामिल नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिकता को अपनाने की तुलना नग्नता से नहीं की जानी चाहिए।