अपडेटेड 16 March 2026 at 08:14 IST
Odisha: कटक के SCB मेडिकल कॉलेज के ICU में भीषण आग, 10 मरीजों की मौत, कई झुलसे
कटक स्थित SCB मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के ICU में भीषण आग लग गई। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई मरीज गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
- भारत
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ओडिशा के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में देर रात आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। कटक स्थित SCB मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के ट्रॉमा केयर इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भीषण आग लग गई। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, कई लोगों के मारे जाने की आशंका है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं, हालांकि अधिकारियों ने अभी तक हताहतों की संख्या की पुष्टि नहीं की है।
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में स्थित ट्रॉमा केयर ICU की पहली मंजिल पर रात करीब 2:30 बजे आग भड़क उठी। घटना की सूचना मिलते ही दमकलकर्मी तुरंत मौके पर पहुंच गए। अस्पताल की फायर ब्रिगेड ने आग बुझाने का शुरुआती अभियान शुरू किया और बाद में आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को बुलाया गया
SCB मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के ICU में भीषण आग
अस्पताल के कर्मचारियों और आपातकालीन टीमों ने प्रभावित ICU से मरीजों को तेजी से बाहर निकाला। 10 से अधिक गंभीर रूप से बीमार मरीजों को बचाया गया और दूसरे ICU में शिफ्ट किया गया, जहां उनका फिलहाल इलाज चल रहा है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई है, कई गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
मरीजों से मिलने अस्पताल पहुंचे CM माझी
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आज सुबह कटक में S.C.B. मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल का दौरा किया और हॉस्पिटल के अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। यहां ट्रॉमा केयर ICU में आग लग गई। सीएम ने घायल मरीजों से बातचीत भी की और हादसे के संंबंध में विस्तृत जानकारी ली। घटना के बाद ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग पारादीप भी स्थिति का जायजा लेने अस्पताल पहुंचे।
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घटना की न्यायिक जांच के आदेश
SCB मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के ट्रॉमा केयर ICU में लगी भीषण आग की दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित मरीजों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए और उनके इलाज में कोई बाधा न आने दी जाए।
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Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 16 March 2026 at 07:37 IST